नीलोफ़र ने दिखाई नरमी: मौसम विभाग

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भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि अरब सागर से उठा तूफ़ान नीलोफ़र गुजरात में आते आते बहुत कमज़ोर हो जाएगा और इससे किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं है.

पहले नीलोफर के गुजरात के तटों पर ख़तरनाक तूफ़ान के तौर पर टकराने की आशंका थी.

अहमदाबाद में मौसम विभाग की अतिरिक्त निदेशक मनोरमा मोहंती ने बीबीसी हिंदी को बताया, "तूफ़ान की तीव्रता लगातार घट रही है. अब ये तूफ़ान जब गुजरात के तट तक पहुंचेगा तो ये डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा."

उन्होंने बताया कि ये शुक्रवार शाम तक गुजरात पहुंचेगा और इसके चलते 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलेंगे और तटीय इलाकों में बारिश भी होगी.

इससे पहले नीलोफ़र के मद्देनज़र जहां गुजरात में हज़ारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का काम शुरू हो गया है जबकि पाकिस्तान के तटीय इलाकों में आपातकाल की घोषणा की गई है.

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राहत और बचाव दल के अलावा, सेना को भी सतर्क रखा गया है.

हाल में भारत के बड़े तूफ़ान
*इसी महीने उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में आए समुद्री तूफ़ान हुदहुद के कारण 40 से ज़्यादा लोगों की जानें चली गईं.
*पिछले साल अक्टूबर महीने में उड़ीसा और आंध्र प्रदेश में ही फेलिन तूफ़ान के कारण 500,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया.
*साल 2011 के दिसंबर में थेन तूफ़ान ने तमिलनाडु में तबाही मचाई थी. इसमें दर्जनों लोग मारे गए थे.
*साल 1999 में उड़ीसा में आए महा तूफान ने दस हजार से ज़्यादा लोगों की जान ली थी.

पाकिस्तान में आपातकाल

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नीलोफर तूफान के कारण गुरुवार को पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों के साथ साथ भारत के गुजरात में भी भारी बारिश हो सकती है.

तूफान की आशंका को देखते हुए पाकिस्तान के तटवर्ती इलाकों में आपातकाल की घोषणा के साथ ही, तट पर स्थित सैंकड़ों गांवों को भी खाली करवाया जा रहा है.

प्रशासन की ओर से सरकारी इमारतों और स्कूलों को खाली करवाया जा चुका है ताकि यहां पीड़ित परिवारों को शरण दी जा सके.

सिंध सरकार ने शुक्रवार को प्रांत के दस तटीय ज़िलों में छुट्टी की घोषणा की है.

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