वाघा सीमा पर क्यों हुआ हमला?

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भारत-पाकिस्तान सीमा पर रविवार को वाघा के पास हुए आत्मघाती हमले में 57 लोग मारे गए.

वाघा सीमा पर हुआ यह धमाका भारतीय इलाक़े की सुरक्षा के लिए किस मायने में चेतावनी है.

दिल्ली में बीबीसी संवाददाता संजॉय मजूमदार की रिपोर्ट

वाघा की अहमियत कई मायनों में है. पहला यह कि ज़मीन के रास्ते पाकिस्तान पहुंचने का यह एकमात्र रास्ता है.

इसके अलावा यहां हर शाम होने वाली फ़्लैग परेड समारोह में जवानों की आक्रामक मुद्राएं पर्यटकों के लिए ख़ास आकर्षण हैं.

यह रंगारंग समारोह हर रोज़ सूर्यास्त के बाद होता है. राष्ट्रीय ध्वज उतारे जाने की इस रस्म के दौरान जवान ज़ोर से अपने पैर पटकते हैं, तेज़ी से मार्च करते हैं और चीखते हुए सलामी देते हैं.

भारत और पाकिस्तान के जवानों के एक-दूसरे से हाथ मिलाने के बाद सीमा के दोनों ओर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं.

धमाके से चिंता

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वाघा सीमा पर पाकिस्तान की तरफ़ आत्मघाती धमाका होना न केवल इसलिए चिंता की बात है कि यह बहुत सुरक्षित इलाक़े में हुआ है, बल्कि यह पंजाब में हुआ है.

पंजाब, पाकिस्तान का सबसे अधिक आबादी और समृद्धि वाला राज्य है और प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का गृह राज्य भी यही है.

हज़ारों की तादाद में लोग वाघा पहुँचते हैं और उन्हें सुरक्षा की कई दीवारें पार करनी होती हैं.

वैसे भी, भारत और पाकिस्तान की उत्तरी सीमा पर पिछले दिनों बेहद तनावपूर्ण स्थिति रही है और तब दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी का लंबा दौर भी चला था.

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लेकिन, इस धमाके के बाद नई चिंताएं उभरकर सामने आई हैं.

रेड अलर्ट

सीमा पर भारत की तरफ़ सुरक्षा बढ़ाते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है और पाकिस्तानी रेंजर्स की गुजारिश पर तीन दिनों के लिए फ़्लैग परेड समारोह भी स्थगित कर दिया गया है.

इससे पहले, 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान वाघा पर इस समारोह को रोका गया था.

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Image caption भारत और पाकिस्तान की सीमा पर पिछले दिनों सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी हुई थी.

भारतीय मीडिया में आ रही ख़बरों में अज्ञात सरकारी सूत्रों का हवाला देकर बताया गया है कि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी ने पहले ही संभावित हमले की चेतावनी दे दी थी.

कुछ जानकार चेतावनी दे रहे हैं कि भारत को अब सीमा पर अपने क्षेत्र में सुरक्षा की चिंता है.

यह स्पष्ट नहीं है कि आत्मघाती हमलावर का निशाना सीमा पर दोनों देशों के लोग थे या नहीं.

लेकिन, चिंता में डालने वाली बात यह है कि हमलावर सीमा के निकट सुरक्षा जांच चौकी तक पहुंचने में सफल रहा था.

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