बिहार: मांझी के दामाद ने पद छोड़ा

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Image caption अपने बयानों की वजह से अकसर सुर्खियों में रहते हैं मांझी

बिहार में मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के दामाद देवेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री के निजी सहायक के पद से इस्तीफा दे दिया है.

देवेंद्र बुधवार को तब चर्चा में आए जब मीडिया में बिहार सरकार के एक पुराने आदेश के हवाला देते हुए उनकी नियुक्ति पर सवाल खड़े होने लगे.

मई, 2000 के बिहार सरकार के आदेश में यह कहा गया है कि राज्य के मंत्री अपने रिश्तेदारों को निजी सचिव या सहायक के पद पर नियुक्त नहीं कर सकते हैं.

विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार की कड़ी आलोचना की है.

‘जानकारी नहीं थी’

इस्तीफ़े की पुष्टि करते हुए देवेंद्र कुमार ने बीबीसी को बताया कि उन्हें ऐसे किसी सरकारी आदेश की जानकारी नहीं थी और इसीलिए उन्होंने 'बेरोजगार होने के कारण यह पद स्वीकार किया'.

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Image caption इस साल मई में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद माझी ने बिहार की कमान संभाली थी

पेशे से इंजीनियर देवेंद्र ने कहा कि वो नहीं चाहते कि उनके कारण मुख्यमंत्री पर कोई उंगली उठे.

वहीं, इस विवाद पर बुधवार को मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का रुख बदलता रहा. पहले तो वो इसे टाल गए, लेकिन कैबिनेट की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि उनके दामाद की नियुक्ति कोई मुद्दा नहीं है.

फिर उन्होंने इस मामले पर ग़ौर करने की बात कहीं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आरोप राजनेताओ पर लगते ही रहते हैं.

इस साल मई में मुख्यमंत्री बनने के कुछ दिनों बाद जीतनराम मांझी ने देवेंद्र को अपना निजी सहायक नियुक्त किया था. वैसे वो 2010 से मांझी के साथ काम कर रहे हैं, जब वो राज्य सरकार में कल्याण मंत्री थे.

‘गंभीर मामला’

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Image caption राज्य में विपक्षी भाजपा ने माझी को आड़े हाथ लिया है

वहीं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने इसे बहुत गंभीर मामला क़रार दिया.

विधानसभा में विपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव ने कहा, "मुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठकर नियमों का उल्लंघन एक गंभीर विषय है. ऐसे में राज्य में सुशासन स्थापित नहीं हो सकता और ये बड़ा सवाल है."

दूसरी ओर अपनी नियुक्ति से जुड़े विवाद पर देवेंद्र ने विपक्षी और मीडिया को भी कठघरे में खड़ा किया. उनके अनुसार यह दलित वर्ग से आने वाले मुख्यमंत्री को परेशान करने की सोची-समझी रणनीति है.

देवेंद्र ने सवाल किया कि 2010 से आज तक किसी को इस आदेश का ख्याल क्यों नहीं आया.

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