आख़िर इस पिता ने क्यों की हत्या?

वह कमरा जहाँ हत्या की यह वारदात हुई
Image caption वह कमरा जहाँ हत्या की यह वारदात हुई

दिल्ली में एक पिता ने अपनी बेटी के कथित 45 वर्षीय बलात्कारी की हत्या कर दी.

हत्या के बाद इस व्यक्ति ने ख़ुद को पुलिस के हवाले कर दिया. इलाक़े के लोग इस पिता को 'हीरो' के रूप में देख रहे हैं.

लड़की के परिवार वालों का कहना है कि उन्हें इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि ऐसा कुछ घटित हो सकता है.

गीता पाण्डेय की रिपोर्ट

दिल्ली के खजूरी ख़ास इलाक़े में अपनी बेटी के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने वाले की हत्या करने वाले छह बच्चों के पिता को बहुत से लोग अब 'हीरो' मान रहे हैं.

Image caption कई स्थानीय लोग इस हत्या को जायज़ ठहरा रहे हैं

बीते शुक्रवार को इस व्यक्ति ने अपनी पत्नी से कहा कि वह पहली मंज़िल पर रह रहे किराएदार से कुछ बात करना चाहता है, इसलिए वह भूतल पर स्थित बेडरूम में बच्चों के साथ सो जाए. उनकी पत्नी को किसी बात का संदेह नहीं हुआ और वो सोने चली गईं.

पुलिस को दिए बयान में इस पिता ने कहा है कि उन्होंने उस छोटे से कमरे में रह रहे उस किराएदार की हत्या कर दी और स्टोव पर पलटा गरम कर उसके गुप्तांग जला दिए.

किराएदार की हत्या करने के बाद उन्होंने ख़ुद को पुलिस के हवाले कर दिया. उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं हैं. उनको लगता है कि पीड़ित इस तरह की सज़ा का हक़दार था. उनका कहना है कि इस व्यक्ति ने उनकी 13 साल की बेटी का बलात्कार किया था.

बलात्कार के बाद धमकी

उनकी बेटी ने बताया कि हफ़्ते पहले जब वो घर पर अकेली थी तो उस किराएदार ने उसे अपने कमरे में खींच लिया और हाथ बांधकर उसके साथ बलात्कार किया.

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किराएदार ने धमकी दी थी कि अगर लड़की ने यह बात किसी को बताई तो वह उसके पिता की हत्या कर देगा.

दस दिन पहले इस लड़की को उल्टियां होने लगीं. उसके पिता उसे डॉक्टर के पास ले गए, जहाँ पता चला कि वह गर्भवती है.

लड़की ने बताया, ''पहले वो मुझपर बहुत नाराज़ हुए. जब मैंने उन्हें किराएदार के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि वो उसे सबक़ सिखाएंगे.''

सीधा-साधा इंसान

जहाँ यह घटना घटी वह झोपड़पट्टी है. लड़की के पिता ठेले पर बर्गर बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे. वहां रहने वाले किसी को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि वो ऐसा कर सकते हैं.

लड़की की माँ ने बताया, ''मुझे किसी बात का आभास नहीं था. मुझे इसकी जानकारी नहीं थी कि मेरी बेटी के साथ बलात्कार हुआ है और वो गर्भवती हुई थी.''

45 साल के मृतक की लड़की के परिवार से पुरानी जान-पहचान थी. वह कमरे में पिछले पाँच साल से पांच सौ रुपए प्रतिमाह के किराए पर रह रहे थे.

लड़की के दादा बताते हैं, ''मध्य प्रदेश में हमारा गांव आसपास है. हम उन्हें बहुत समय से जानते थे और उन्हें परिवार का सदस्य मानते थे.''

गुनाह क़बूला

खजूरी ख़ास पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार कहते हैं कि शनिवार तड़के क़रीब पौने चार बजे यह व्यक्ति थाने में आया और अपना गुनाह क़बूल किया.

Image caption इंस्पेक्टर अरविंद प्रताप सिंह मानते हैं कि ऐसे मामले कम ही देखने में आते हैं.

अरुण कहते हैं, ''वो बहुत परेशान नज़र आ रहे थे. उन्होंने कहा कि मैंने एक ग़लती कर दी है. मैंने किसी की हत्या कर दी है.''

इस केस की जाँच कर रहे हैं इंस्पेक्टर अरविंद प्रताप सिंह कहते हैं कि उन्होंने अब तक ऐसा मामला नहीं देखा था. वो कहते हैं, "हत्या करने वाले ख़ुद थाने में शायद ही आते हों"

दिल्ली में दिसंबर 2012 में एक छात्रा के साथ बस में हुए सामूहिक बलात्कार और हत्या के बाद भारत में बलात्कार से जुड़े क़ानून को और कड़ा बनाया गया. बलात्कार के मामले में अब मौत की सज़ा का भी प्रावधान है.

छात्रा के साथ बलात्कार के दोषियों को भी मौत की सज़ा सुनाई गई है. लेकिन भारत में बलात्कार की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं.

साल 2012 में भारत में बलात्कार के कुल 24,923 मामले दर्ज किए गए. जबकि 2013 में इन मामलों की संख्या बढ़कर 33,707 हो गई. यानी हर रोज़ बलात्कार के 93 मामले दर्ज हुए.

सहानुभूति की लहर

इस घटना के बाद से इलाक़े के लोगों में इस पिता से सहानुभूति हो गई है. कुछ लोगों ने कहा कि अगर उनके सामने भी ऐसी परिस्थिति आती है तो वो भी ऐसा ही करेंगे.

साइकिल रिक्शा की मरम्मत करने वाले मोहम्मद अयूब कहते हैं कि कोई भी पिता ऐसा ही करेगा.

वो कहते हैं, ''पुलिस और अदालत में जाने का क्या फ़ायदा. वो सबूत मागेंगे. हमारे देश में न्याय बहुत देर से मिलता है, जबकि न्याय दो महीने में होना चाहिए. लेकिन यहां मामलों का निपटारा होने में छह-सात साल लग जाते हैं.''

उनके एक सहयोगी नूर मोहम्मद कहते हैं कि इस पिता को सज़ा नहीं मिलनी चाहिए. उन्होंने जो भी किया सही किया है. उन्हें रिहा किया जाना चाहिए.

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Image caption भारत में साल 2012 में दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे.

इस मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर अरविंद प्रताप सिंह कहते हैं, ''मैं जानता हूं कि लोगों में उनके प्रति सहानुभूति है. लेकिन हम ज़िम्मेदारियों से बंधे हुए हैं. उन्होंने अपराध किया है. इसलिए उन्हें क़ानून का सामना करना पड़ेगा.''

यह परिवार आजकल शोकग्रस्त है. पुलिस ने उस कमरे को सील कर दिया है, जिसमें यह वारदात हुई.

जब मैं वहाँ से चलने लगी तो इस पिता के चार साल के बेटे ने मुझसे पूछा कि उनके पिता कहा हैं? वो घर वापस कब आएंगे?

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