संत रामपाल के समर्थकों और पुलिस में ठनी

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हरियाणा पुलिस को आज हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए संत रामपाल को किसी भी सूरत में अदालत के समक्ष पेश करना है.

लेकिन हिसार के बरवाला के आश्रम में मौजूद संत रामपाल और पुलिस के बीच उनके हज़ारों अनुयाई हैं जो किसी भी सूरत में अपने गुरु के समर्थन में खड़े हैं.

भक्तों से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है लेकिन फिर भी संत रामपाल की गिरफ़्तारी को लेकर गतिरोध बना हुआ है.

आश्रम का तर्क़ है कि गुरुजी बीमार हैं और उनकी पेशी वीडियो कॉफ़्रेंसिंग के ज़रिए कराई जानी चाहिए.

आश्रम के प्रवक्ता पुरुषोत्तम दास ने बीबीसी को बताया, "गुरुदेव की सेहत ठीक नहीं है. वे वीडियो कॉफ़्रेंसिंग करा लें और केस को जारी रखें. गुरुजी का कहना है कि सेहत ठीक होने पर वे बाद में अदालत के सामने पेश हो जाएंगे."

क्या है मामला

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संत रामपाल पर वर्ष 2006 में हुई एक हत्या के मामले में शामिल होने का आरोप है.

संत रामपाल और उनके समर्थकों पर इसी मामले में पेशी के दौरान अदालत में तोड़फ़ोड़ करने के आरोप में भी मामला दर्ज किया गया है.

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ बीते सोमवार को फिर ग़ैर जमानती वारंट जारी किया था.

अदालत के आदेश के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी संत रामपाल से अदालत के आदेश का सम्मान करने की अपील की थी.

अदालत के आदेश पर हरियाणा पुलिस को संत रामपाल को हिरासत में लेकर दस नवंबर को अदालत के समक्ष पेश करना था.

लेकिन समर्थकों के दबाव के कारण ऐसा नहीं हो पाया. इसके बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव को 17 नवंबर तक हर हाल में संत रामपाल को अदालत में पेश करने का आदेश दिया था.

संत रामपाल के अनुयायियों को हटाने के लिए पुलिस ने आश्रम की बिजली काट दी है. लेकिन भक्त इसके बावजूद पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

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