नसबंदीः सरकारी डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर

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छत्तीसगढ़ में नसबंदी के बाद हुई महिलाओं की मौत के बाद गिरफ्तार डॉक्टर आरके गुप्ता की रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार को राज्य के सरकारी डॉक्टर एक दिन के सामूहिक अवकाश पर हैं.

हालांकि राज्य भर में आपातकालीन सेवाओं को इस हड़ताल से मुक्त रखा गया है.

छत्तीसगढ़ चिकित्सा अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर प्रमोद तिवारी के मुताबिक़ यह सांकेतिक कार्रवाई है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने डॉक्टर को रिहा नहीं किया तो वे कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे.

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Image caption राज्य के डॉ़क्टरों का एक संगठन हड़ताल का विरोध कर रहा है.

वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों के एक दूसरे संगठन प्रदेश शासकीय चिकित्सक एसोसिएशन ने सामूहिक अवकाश का विरोध किया है.

इधर गौरेला में नसबंदी शिविर के बाद संरक्षित बैगा आदिवासी महिला चैतीबाई की मौत के मामले में उनके पति ने स्थानीय अदालत में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री से लेकर स्वास्थ्य कार्यकर्ता के खिलाफ़ शिकायत दर्ज की है.

उन्होंने इलाज के बहाने पत्नी चैती बाई को ले जाने और लापरवाही से उनकी नसबंदी करने का आरोप लगाया है.

क्रांगेस की पदयात्रा

सुनवाई के बाद पेंड्रारोड की प्रथम श्रेणी न्यायाधीश ने थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर तीन दिसंबर तक पूरे मामले की जानकारी पेश करने का आदेश दिया है.

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महिलाओं की मौत को लेकर कांग्रेस राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल और मुख्यमंत्री रमन सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर आक्रमक बनी हुई है. कांग्रेस ने शनिवार को बिलासपुर के पेंडारी ऑपरेशन शिविर से राजधानी रायपुर तक पदयात्रा निकालने की घोषणा की है.

पार्टी ने इसके अलावा राज्य के हर ज़िला मुख्यालय में ऐसी पदयात्राएं आयोजित करने की घोषणा की है. कांग्रेस ने 27 नवंबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी करने का एलान भी किया है.

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