अडानी को कर्ज़ पर एसबीआई का स्पष्टीकरण

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व्यावसायिक ग्रुप अडानी समूह को एक अरब डॉलर का कर्ज़ देने पर हो रही आलोचना के बीच स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा है कि सभी प्रक्रियाएँ पूरी की जाएंगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को एसबीआई ने कहा कि अभी सिर्फ प्रारंभिक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं और कर्ज़ की रक़म देते वक़्त सभी ज़रूरी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के समय ही एसबीआई ने अडानी समूह को ऑस्ट्रेलिया में कोयला खदानें संचालित करने के लिए एक अरब डॉलर कर्ज़ देने का समझौता किया था.

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Image caption गौतम अडानी को मोदी का करीबी माना जाता है

अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी भी नरेंद्र मोदी के साथ ऑस्ट्रेलिया यात्रा पर गए थे.

पीटीआई के मुताबिक अडानी समूह को कर्ज़ देने पर उठे सवालों पर एसबीआई की निदेशक अरुँधति भट्टाचार्य ने कहा, "हम स्पष्ट करते हैं कि सिर्फ़ सहमति पत्र पर दस्तख़त हुए हैं. हमने कर्ज़ जारी नहीं किया है. सभी ज़रूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद बोर्ड फ़ैसला लेगा और कर्ज़ की रक़म जारी की जाएगी."

कांग्रेस ने एसबीआई के अडानी समूह को एक अरब डॉलर का लोन देने के फ़ैसले पर सवाल उठाए हैं.

'कांग्रेस ने उठाए सवाल'

कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा, "एसबीआई के अडानी को क़र्ज़ देने का क्या औचित्य है जब पाँच अंतरराष्ट्रीय बैंकों ने समूह को इस योजना के लिए कर्ज़ देने से इनकार कर दिया है."

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Image caption मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने भी अडानी के विमान में ही आए थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अडानी को क़रीब 6200 करोड़ रुपए का क़र्ज़ दिलवाने में 'रूचि' लेते नज़र आ रहे हैं.

माकन ने कहा, "सरकार सिर्फ़ अमीरों के लिए काम करने में रूचि ले रही है और सिर्फ़ अमीरों के ही अच्छे दिन आए हैं."

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