'पाँच-छह से ज्यादा भारतीय जिहादी गुटों में नहीं'

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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कहा है कि पाँच ऐसे मामले हैं जिनमें भारतीय युवकों ने विदेशी जिहादी गुटों में शामिल होने की कोशिश की है.

हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में डोभाल ने ये बात कही.

भारतीय मुसलमानों के सीरिया, इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में जिहादी गुटों में शामिल होने से जुड़ा सवाल उठने पर डोभाल ने कहा, "निश्चित संख्या के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. इतना तय है कि कम से कम पाँच या छह मामले सामने आए हैं जिनमें युवाओं ने आईएस में शामिल होने की कोशिश की है. किसी भी हाल में यह संख्या 10 से ज़्यादा नहीं है."

अजित डोभाल ने यह भी कहा कि चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट यानी आईएस भारत के लिए उतना बड़ा ख़तरा नहीं है.

उन्होंने कहा, ''यह देश अंदरूनी तौर पर बहुत मज़बूत है. भारत में जितने भी उलेमा हैं सबने उन्हें ग़ैर-इस्लामिक क़रार दिया है."

पाकिस्तान-चीन दोस्ती

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Image caption आईएस ने सीरिया के एक बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा कर रखा है.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चीन और पाकिस्तान की साझा गतिविधियों के सवाल पर डोभाल ने कहा कि भारत को इसकी जानकारी है.

उन्होंने कहा, "हमें पता है कि वहां पर निर्माण चल रहा है, सड़कें बनाई जा रही हैं. हम उस पर नज़र रखे हुए हैं. इनके नतीजे देखने होंगे. हम इन बातों को रणनीतिक तौर पर चीन और पाकिस्तान के साथ उठाते रहे हैं. मेरे ख़्याल से सरकार को इन हालात का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए."

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