मिशनरी स्कूल: 'फ़ादर नहीं, प्राचार्य या सर'

विहिप और कैथोलिक नेता इमेज कॉपीरइट ALOK PUTUL

बस्तर में ईसाई मिशनरी के स्कूलों के ‘फ़ादर’ अब प्राचार्य या सर कहे जाएंगे.

इसके अलावा ईसाई मिशनरी की सभी शिक्षण संस्थाओं में हिंदू धर्म में विद्या की देवी कही जाने वाली सरस्वती की तस्वीर भी लगाई जाएगी.

इसके साथ ही देश हित में कार्य कर चुके महापुरुषों की तस्वीर भी शिक्षण संस्थाओं में लगाई जाएगी.

बस्तर में धर्मांतरण के मुद्दे पर आपसी संघर्ष और हमलों की घटनाओं के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बस्तर के कैथोलिक समाज ने रविवार को एक बैठक करके लिखित समझौते में यह निर्णय लिए हैं.

हिंदू भावनाओं का हवाला

बस्तर के विहिप ज़िला अध्यक्ष सुरेश यादव ने बीबीसी से बात करते हुए दावा किया कि बस्तर में ईसाई मिशनरी के कामों से हिंदुओं की भावनाएं लगातार आहत हो रही थीं.

इमेज कॉपीरइट ALOK PUTUL

सुरेश यादव ने कहा, "हमने इस बारे में अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. जिसके बाद यहां के क्रिश्चियन समाज ने हमें बिशप हाउस में बुलाया और फिर इन मुद्दों पर सहमति पत्र तैयार किया गया."

सुरेश यादव ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में फ़ादर यानि पिता केवल उसे कहा जाता है, जिसने उसे जन्म दिया. ऐसे में हमारे हिंदू बच्चों के लिये यह अपमानजनक था कि वह स्कूल के शिक्षक या प्राचार्य को फ़ादर कह कर बुलाएं.

सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले कैथोलिक समाज के अधिकृत प्रवक्ता अब्राहम कन्नमपाला ने कहा कि कुछ दिन पहले एक स्थानीय स्कूल के कार्यक्रम में चर्च के बिशप ने केरल की तर्ज पर बस्तर में भी चर्च के साथ-साथ स्कूल खोलने की बात कही थी, जिसके कारण विवाद शुरू हुआ था.

कन्नमपाला ने कहा कि बिशप का आशय यह नहीं था कि हम गांव-गांव में चर्च और स्कूल खोलेंगे. बिशप की बात को सही संदर्भ में नहीं समझा गया.

इमेज कॉपीरइट ALOK PUTUL
Image caption सहमति पत्र पर बस्तर के विहिप जिलाध्यक्ष सुरेश यादव और कैथोलिक समाज के प्रवक्ता ने हस्ताक्षर किए.

कन्नमपाला कहते हैं, "हमने सामाजिक सौहार्द बरकरार रखने के लिये विहिप के साथ सहमति पत्र बनाया."

इस सहमति पत्र में कैथोलिक समाज ने कहा है कि किसी भी विवादित मुद्दे पर यदि किसी अन्य समाज, समुदाय अथवा धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो उसे खेद है.

कन्नमपाला ने कहा कि इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं था.

यह पूछे जाने पर कि क्या विहिप या संघ के स्कूलों में भी ईसा मसीह की तस्वीरें लगाने पर कोई बात हुई ?

कन्नमपाला ने कहा, "हमने अपनी तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं रखा था. हमारा ध्येय केवल इतना भर है कि ऐसे मुद्दों पर विवाद न हो."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार