केंद्रीय मंत्रियों पर धमकी पर नरम पड़े मांझी

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बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार के सात केंद्रीय मंत्रियों को राज्य में न घुसने की चेतावनी पर नरम रुख अपनाया.

मुख्यमंत्री ने इसे महज मज़ाक बताया.

उन्होंने कहा कि यह बात सिर्फ इसलिए कही गयी थी ताकि मंत्रीगण केंद्र से बिहार की अपेक्षा पूरी करने पर ज़्यादा ध्यान दें.

उन्होंने राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग पूरी करने पर भी ज़ोर दिया.

साथ ही यह भी कहा कि लोक सभा चुनाव के पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को विशेष दर्जा दिए जाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक उस दिशा में कुछ नहीं किया गया है.

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मुख्यमंत्री ने मनरेगा और इंदिरा आवास योजना की राशि घटाने पर भी आपत्ति जताई.

इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत पर राज्य सरकार के द्वारा खर्च किए गए एक हज़ार करोड़ रुपए देने की मांग भी की.

जनता दल यूनाइटेड सरकार के कामकाज की नौवीं रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने ये बातें राजधानी पटना में सूबे के कई मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कही.

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इस अवसर पर अगले साल चुनाव को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री ने नौ घोषणाएं भी की.

इनमे योजनाओँ में अल्पसंख्यकों, युवाओं और किसानों पर विशेष ध्यान दिया गया है.

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री मांझी ने बीती बातों को भूल जाने की सलाह देते हुए केंद्र सरकार से बिहार को उसका हक़ देने की मांग की.

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