'चेन्नई सुपर किंग्स का असली मालिक कौन है'

चेन्नई की टीम इमेज कॉपीरइट AFP

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से कहा है कि वो चेन्नई सुपर किंग्स टीम की मान्यता रद्द करे.

न्यायालय ने यह निर्देश आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई के दौरान दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि इस मामले में और जांच नहीं होगी. अदालत ने बीसीसीआई से जस्टिस मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने को कहा है.

जस्टिस मुद्गल कमेटी की जांच में चेन्नई सुपर किंग्स के अधिकारी गुरुनाथ मेयप्पन स्पॉट फ़िक्सिंग में शामिल पाए गए हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP Getty

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले कहा था कि बीसीसीआई के अध्यक्ष पद पर एन श्रीनिवासन का होना कॉन्फ़्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट के तहत आता है.

इसी के साथ न्यायालय ने कहा कि चेन्नई की टीम को आईपीएल से डिस्क्वॉलिफ़ाई किया जाए. चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए अदालत ने जानना चाहा कि आखिर इस टीम का असली मालिक कौन है.

मुदगल समिति की रिपोर्ट

इंडियन प्रीमियर लीग में सट्टेबाज़ी की जांच कर रही जस्टिस मुकुल मुद्गल समिति ने 17 नवंबर को अपनी रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय को सौंप दी थी.

इमेज कॉपीरइट AFP

समाचार एजेंसियों ने इस रिपोर्ट के हवाले से कहा था कि कमेटी के मुताबिक़ एन श्रीनिवासन को प्रावधानों के उल्लंघन के बारे में पता चल गया था लेकिन उन्होंने बतौर अध्यक्ष कोई कदम नहीं उठाया.

आईपीएल के नियमों के मुताबिक अगर टीम का कोई अधिकारी अमान्य गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो टीम की मान्यता ख़त्म हो सकती है.

एन श्रीनिवासन इंडिया सीमेंट्स कंपनी के निदेशक हैं और कंपनी चेन्नई सुपर किंग्स की प्रमोटर है.

2013 सीज़न के आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग मामले की जांच शुरू होने के बाद श्रीनिवासन को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से अलग होने के लिए कहा गया था. हालांकि वे अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन बने हुए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार