'अस्थिरता के लिए कांग्रेस ज़िम्मेदार'

झारखंड की जनता, चुनाव

झारखंड में दो दिसंबर को विधान सभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान होंगे. पहले लोकसभा और उसके बाद महाराष्ट्र और हरियाणा विधान सभा चुनावों में मिली चुनावी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने को लेकर काफ़ी आशावान है.

साल 2000 में राज्य के गठन के बाद सबसे लंबे समय तक भाजपा गठबंधन की सरकार रही है. लेकिन पार्टी का मानना है कि राज्य के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस ज़िम्मेदार है. इन्हीं सवालों पर बीबीसी ने बात की राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री और वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुबर दास से.

Image caption प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रघुबर दास एक सभा में.

आपकी पार्टी पूर्ण बहुतम की बात कर रही है, जबकि झारखंड में गठबंधन सरकारों का दौर रहा, भाजपा ने ही इसकी शुरुआत की थी. तो क्या राज्य में शुरुआत ही ग़लत हो गई.

जनता को जनादेश है हमें उसका सम्मान करना चाहिए. झारखंड की जनता ने दो-दो बार खंडित जनादेश दिया.

झारखंड बनने के बाद 14 सालों में सबसे अधिक समय तक भाजपा की सरकार रही है. आप राज्य के उप मुख्यमंत्री भी रहे हैं. ऐसे में आप राज्य को कहाँ पाते हैं?

झारखंड में पिछले 14 सालों में जितने काम होने चाहिए मैं भी उससे सहमत नहीं हूँ. यहाँ काफ़ी काम करने की ज़रूरत है. यहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सिंचाई सभी क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ हैं.

इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है?

मैं मानता हूँ इसके लिए कांग्रेस पार्टी ज़िम्मेदार है. जिसने कारण राज्य में राजनीतिक अस्थितरता का दौर रहा.

लेकिन यहाँ सरकार भाजपा की ज़्यादातर रही है. कांग्रेस का यहाँ एक भी मुख्यमंत्री नहीं हुआ है.

देखिए, बिजली, पानी, सिंचाई की व्यवस्था के लिए लॉन्ग टर्म प्लानिंग की ज़रूरत होती है. कांग्रेस ने कभी निर्दलीय को मुख्यमंत्री बनाया तो कभी क्षेत्रीय दल वालों को. इसलिए मैं मानता हूँ कि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता ही विकास न होने का मुख्य कारण है.

Image caption रघुबर दास गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ

क्या कारण है कि राज्य में किसी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिल रहा, क्षेत्रीय दलों की मदद के बिना सरकार नहीं बन पाती. आप भी कई क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन कर चुके हैं.

हर राज्य की राजनीतिक स्थिति-परिस्थिति अलग होती है. झारखंड की राजनीति को देखें तो यहाँ हर क्षेत्र की अलग राजनीति है.

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