वीआर कृष्णा अय्यर का निधन

न्यायविद वीआर कृष्णा अय्यर, भारत, सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश इमेज कॉपीरइट PTI

प्रसिद्ध न्यायविद और भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्णा अय्यर का गुरुवार को निधन हो गया. वे सौ वर्ष के थे.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, "काबिल वकील, ख्यात न्यायविद, अतुलनीय दार्शनिक और सबसे बढ़कर एक अद्भुत इंसान. मैं उन्हें नमन करता हूँ."

भारत के पूर्व क़ानून मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शांति भूषण ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "मेरे विचार से जस्टिस कृष्णा अय्यर आज तक सुप्रीम कोर्ट में जितने भी न्यायाधीश हुए उनमें सबसे महान जज थे. क्योंकि उनका दिल इस देश के ग़रीबों के लिए धड़कता था. उनका बहुत तेज़ दिमाग़ भी देश के ग़रीबों और वंचितो के लिए काम करता था."

भूषण ने कहा कि उन्होंने बड़े-बड़े फ़ैसले आम आदमी को समझ में आ सकने वाली भाषा में दिए.

जेल नहीं जमानत

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption वीआर कृष्णा अय्यर सुप्रीम कोर्ट में क़रीब सात साल न्यायाधीश रहे.

सुप्रीम कोर्ट में रहते हुए उन्होंने आम आदमी की देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुँच को सुलभ बनाया.

उन्होंने विचाराधीन क़ैदियों के हित में 'जेल नहीं ज़मानत ही नियम है' का निर्णय दिया था.

अय्यर का जन्म 1914 में केरल में हुआ था. 1970 के दशक में वो क़रीब सात साल तक सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रहे.

वो केरल की ईएमएस नम्बूदरीपाद के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार में क़ानून मंत्री रहे थे.

मंत्री के रूप में उन्होंने केरल में 1950 के दशक में भूमि सुधार क़ानून लागू किए थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार