रोहतक 'छेड़छाड़': सात सवाल

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हरियाणा के रोहतक में कथित रूप से छेड़खानी करने वाले तीन पुरुषों की पिटाई करतीं दो बहनों का एक मोबाइल फ़ोन से बना हुआ वीडियो भारत में काफ़ी चर्चित हुआ है.

हालांकि पुरुषों को गिरफ़्तार कर लिया गया है, लेकिन एक अन्य वीडियो आने के बाद लड़कियों के आरोपों पर सवाल उठने लगे हैं, जिसमें यही दोनों बहनें एक पार्क में एक आदमी पर हमला करती हुई दिख रही हैं.

उल्लेखनीय है कि इन लड़कियों को राज्य सरकार ने साहस के लिए अवॉर्ड देने की घोषणा की थी जिसे फ़िलहाल रोक लिया गया है.

आइए समझते हैं कुछ बिंदुओं में इस पूरे मामले को.

1. 28 नवंबर को चलती बस में क्या हुआ?

यह घटना रोहतक ज़िले में हुई. दो छात्राएं- आरती (22) और पूजा (19) एक सरकारी बस से अपने घर जा रही थीं.

छोटी बहन पूजा ने बीबीसी हिंदी को बताया कि बस में तीन लोगों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया, उन्होंने धमकी दी और छेड़छाड़ की.

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उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए उन्होंने बेल्ट निकाल कर उनकी पिटाई कर दी.

दोनों बहनों ने बताया कि बस में सवार एक गर्भवती महिला ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया.

इस वीडियो में पूजा को इनमें से एक व्यक्ति पर हमला करते हुए देखा जा सकता है, जबकि दूसरा व्यक्ति अपने दोस्त के पीछे दिखता है.

जबकि तीसरा व्यक्ति वीडियो में नहीं आ सका. यह स्पष्ट नहीं है कि जब वीडियो शूट किया गया तो वो पहले से ही अपने दो साथियों के साथ बस में था या नहीं.

इन बहनों का कहना है कि बस में सवार दो पुरुषों ने तीसरे साथी को फ़ोन किया, जो बाद में बस में चढ़ा.

वीडियो में यह भी दिखता है कि एक अन्य पुरुष यात्री इनमें से एक आदमी को महिलाओं से अलग करने की लगातार कोशिश कर रहा है, जबकि बाकी अन्य सहयात्री दूसरी तरफ़ देख रहे हैं.

भारत में महिलाओं के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के प्रति बढ़ती सजगता के बीच आया यह वीडियो काफ़ी चर्चा में आ गया और बहनों के समर्थन में एक हवा बना दी.

तीनों पुरुष यात्रियों को अगले दिन गिरफ़्तार कर लिया गया और अब वे जमानत पर रिहा किए जा चुके हैं. उनपर 'यौन उत्पीड़न' और महिलाओं को 'गंभीर रूप से घायल' करने का मुकदमा दर्ज किया गया है.

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.

2. कोई चश्मदीद गवाह है?

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Image caption बस के कंडक्टर लाभ सिंह ने पुलिस को फ़ोन करने की बात कही थी.

पुलिस का कहना है कि बस चालक और कंडक्टर के बयान दोनों बहनों के पक्ष को सही ठहराते हैं.

स्थानीय पुलिस प्रमुख शशांक आनंद ने कहा है कि चालक बलवान सिंह का बयान दोनों बहनों की बातों से मेल खाता है.

मैं बस के कंडक्टर लाभ सिंह से उनके गांव जागर में मिली, चालक बलवान सिंह गांव से बाहर गए थे.

लाभ सिंह ने बताया, "दोनों बहनों ने मुझसे बताया कि बस में सवार कुछ लोग उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, हालांकि मैंने मारपीट को नहीं देखा. मैंने पुरुषों से कहा था कि वे लड़कियों को अकेला छोड़ दें."

उन्होंने कहा, "जब बस रुकी और पुरुष और दोनों बहनें उतर गईं तो मैंने पुलिस को फ़ोन करने की भी बात कही. मुझे जो करना थो, वो किया."

मीडिया में आई ख़बरों में कहा गया है कि बस में सवार पांच अन्य महिला यात्रियों ने पुलिस को बताया है कि झगड़ा सीटों को लेकर हुए विवाद के कारण हुआ था और इस मामले में यौन हिंसा नहीं हुई थी. पुलिस इन बयानों की सत्यता की जांच कर रही है.

3. यह वीडियो कैसे विशेष हो गया और किसने इसे प्रसारित किया?

सार्वजनिक रूप से महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न को भारत में 'छेड़खानी' माना जाता है. देश के कई हिस्सों में यह आम है और जब भी महिलाएं बाहर निकलती हैं, उनके लिए यह भारी मुसीबत का सबब बन जाता है.

भारत में 91.5 करोड़ मोबाइल फ़ोन धारक हैं और यहां कॉल व इंटरनेट दरें पुरी दुनिया के मुकाबले काफ़ी सस्ती हैं.

इसलिए, भारत के भीड़भाड़ वाले शहरों और कस्बों में होने वाली इस तरह की घटनाओं का, राह चलते लोग द्वारा बनाया गया वीडियो कोई असामान्य बात नहीं है और इंटरनेट पर इन्हें देखा जा सकता है.

लेकिन दिसम्बर 2012 में दिल्ली में एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद चीजें बदल गई हैं. इस घटना ने ही बड़े पैमाने पर आक्रोश को जन्म दिया था और बलात्कार विरोधी कड़े क़ानूनों का दबाव डाला.

अब महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले अपराधों को मीडिया में अधिक जगह मिलने लगी है और लोगों का भी ध्यान इस ओर अधिक हो गया है. इसमें कोई ताज्जुब नहीं कि दोनों बहनों की बहादुरी ने पूरे भारत में हलचल मचा दी.

दोनों बहनों और कंडक्टर का कहना है कि बस में मौजूद एक गर्भवती महिला ने यह वीडियो शूट किया. कंडक्टर कहना है कि वह महिला इस रूट की रोज़ाना की यात्री थी.

बहनों का कहना है कि उसी महिला से उन्हें यह वीडियो मिला था और उन्होंने अपनी पहचान उजागर न करने को कहा था.

यह अभी साफ़ नहीं है कि क्या पुलिस इस महिला से बात कर पाई है?

इन बहनों के पिता राजेश सिंह एक सरकारी दफ़्तर में क्लर्क हैं. उनका कहना है कि आरोपी लड़कों के परिवारों ने पुलिस में दी गई शिकायतों को वापस लेने और 'समझौता' करने का दबाव डाला था.

वो कहते हैं कि जब समझौता असफल हो गया तो उन्होंने मीडिया में इस वीडियो को जारी कर दिया.

4. ये दोनों बहनें कौन हैं?

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Image caption पूजा और आरती, कॉलेज की प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले चुकी हैं.

ये दोनों बहनें दिल्ली के 24 किलोमीटर उत्तर में स्थित थाना खुर्द गांव में अपने दो भाई बहनों और अपने अभिभावकों के साथ रहती हैं.

हरियाणा भारत के समृद्ध राज्यों में से एक है. इसीलिए हैरत नहीं है कि थाना खुर्द देहात की बजाय शहरी अधिक है. सड़कों के किनारें लाइन से दुकानें हैं और यहां पक्के मकानों में बिजली और पानी उपलब्ध है.

जब मैं इन दोनों बहनों से बुधवार को मिली तो उन्होंने बताया कि वे "अब मीडिया से बात करते करते थक गई हैं."

इस घटना के कई दिनों बाद भी प्रसारण वाले वाहन उनके घर के सामने खड़ी थीं और सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में संदेशों की बाढ़ आई हुई है.

अपना समर्थन जताने के लिए पड़ोसी गांव की महिलाएं भी उनके यहां इकट्ठी हो रही हैं.

कम्प्यूटर अप्लीकेशन की पढ़ाई करने वाली इन दोनों बहनों ने कई विद्यालयी प्रतियोगिताएं भी जीती हैं- उन्होंने बड़े गर्व से मुझे दो सर्टिफ़िकेट दिखाए- जिसमें उन्हें मिस टैलेंटेड और मिस फ़्रेशर कहा गया है.

पूजा कहती हैं कि उन्हें नृत्य करना पसंद है.

दोनों बहनों में आत्मविश्वास और आम तौर पर पुरुष प्रधान समाज में परिवार का उनको समर्थन साफ़ दिखा.

जब मैंने उनसे पूछा कि क्या वो दोबारा सार्वजनिक परिवहन से चलेंगी, उनका जवाब सकारात्मक था.

उन्होंने कहा, "यदि पुरुष दुर्व्यवहार करेंगे तो हम उन्हें दोबारा मारेंगे. हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे."

यह बात तब उन्होंने कही जब मैंने उन्हें एक अन्य वीडियो के बारे में पूछा, जिसमें रोहतक के एक पार्क में एक आदमी को यही दोनों बहनें मारती हुई दिखाई दे रही हैं. इस वीडियो के कारण शुरुआती वीडियो में आए घटनाक्रम पर मीडिया में संदेह को हवा दी.

5. नए वीडियो के बारे में क्या कहती हैं दोनों बहनें?

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Image caption आरोपी लड़कों के परिजन आरोपों से इनकार कर रहे हैं.

समाचार चैनलों ने मंगलवार को एक नया वीडियो जारी किया.

दोनों वीडियो में दिखने वाली लड़कियां एक ही हैं और चैनलों का कहना है कि ताज़ा वीडियो एक महीने पहले शूट किया गया था.

इस वीडियो में इसके सबूत नहीं हैं कि लड़के इन बहनों को छेड़ रहे हैं.

कथित तौर पर इस वीडियो को आरोपियों में से एक के पिता ने जारी किया था.

उन्होंने इंडियन एक्स्प्रेस न्यूज़पेपर को बताया कि "वीडियो उनके दरवाजे पर रहस्यपूर्ण तरीके से आया."

वो कहते हैं, "यह कैसे हमारे पास पहुंचा हम नहीं बता सकते. लेकिन हम नहीं जानते कि लड़का (इस वीडियो में) कौन है. हो सकता है कि उसका परिवार उसे मुसीबत में नहीं डालना चाहता हो."

नए वीडियो के जारी होने के बाद दोनों बहनों पर जो तोहमत लागाई जा रही है उसके बारे में मैंने आरती से पूछा.

आरती का कहना था, "वो जो कुछ कहना चाहते हैं कहने दीजिए. वे लड़कियों को मारने के आदी हो चुके हैं. अब वे घिनौने आरोप मढ़ रहे हैं."

वो कहती हैं, "काश, अगर पहले मैं इस नए वीडियो के बारे में जानती होती तो इस आदमी के ख़िलाफ़ भी पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती थी."

पुलिस प्रमुख शशांक शेखर कहते हैं कि 'नए वीडियो से जांच की दिशा नहीं बदलेगी.'

6. लड़कों के परिजन क्या कहते हैं?

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ये लड़के कुछ ही दूरी पर आसन गांव में रहते हैं.

जब मैं यहां पहुंची तो छह हज़ार की आबादी वाला यह गांव शांत है. पुलिस के वाहन चक्कर लगा रहे हैं.

सभी तीनों लड़के छात्र हैं और 20 से 25 वर्ष की उम्र के हैं.

इनमें से दो लड़कों ने भारतीय सेना में नौकरी के लिए शारीरिक परीक्षा में पास हो चुके हैं. मीडिया में इस तरह की भी ख़बरें हैं कि इस घटना के बाद सेना इनकी उम्मीदवारी को निरस्त करने वाली है.

इनमें से दो अभियु्क्तों की बहन और चाची से मैंने मुलाक़ात की.

आरोपी की बहन ने मुझे बताया कि 'सभी आरोप मनगढंत' हैं.

उन्होंने बताया, "इन महिलाओं को पुरुषों पर छेड़खानी का आरोप लगाने की आदत है और फिर वो पैसे की डिमांड करती हैं. मैं जानती हूं कि मेरा भाई निर्दोष है. हम मामले की समुचित जांच की मांग करते हैं."

परिजन मीडिया और पुलिस पर पक्ष लेने और लड़कों को आरोपी बनाने का दोषी ठहराते हैं.

पुलिस इस आरोप का खंडन यह कहते हुए करती है कि उन्होंने लड़कों के परिजनों की शिकायत भी दर्ज कर ली है और उसकी जांच जारी है.

7. अब आगे क्या?

दोनों गांवों में अधिकांश लोग इन्हीं बहनों का 'चरित्र ठीक न होने' की बात करते हैं.

जब मैं इन दोनों लड़कियों के घर का पता एक लड़के से पूछा तो उसने छूटते ही कहा, "लड़कियां चरित्रहीन हैं."

मैंने ज़ोर देकर कहा कि चरित्रहीन से क्या मतलब है उनका तो वो बोला, "दोनों बहुत स्मार्ट हैं. कृपया मुझसे और कुछ न पूछें."

गांव के ही छात्र दीपक ने कहा कि उसे इस बात पर गुस्सा आता है कि लड़कियां 'सेलिब्रिटी' बन गई हैं.

दीपक के अनुसार, "क्या ये अकेली लड़कियां हैं, जिनसे छेड़खानी हुई है? आप मीडिया ट्रायल नहीं कर सकते."

इस तरह की प्रतिक्रियाएं ऐसे राज्य में कोई असामान्य बातें नहीं हैं, जहां भारत में सबसे कम लैंगिक अनुपात है और जहां समाज बहुत गहरे रूप में पुरुष प्रधान है.

ये लड़कियां अपने बयान से डिगी नहीं हैं और उन्हें विश्वास है कि वो सही साबित होंगी.

आरती कहती हैं, "हम अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी. हम नौकरियां करेंगी. बस में भी सफर करेंगे....शादी.....शादी का तो पता नहीं....क्या होगा."

यह कहते हुए वो ठहाका लगा पड़ती हैं कि "किसी भी स्थिति में, हमसे अब शादी कौन करेगा?"

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