अब साध्वी को माफ़ भी कर दो: मोदी

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केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति की ग्रामीण पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से उनकी माफ़ी को स्वीकार करने की अपील की.

हालांकि प्रधानमंत्री की अपील के बावजूद संसद में जारी गतिरोध नहीं टूट सका.

उन्होंन कहा, "यह प्रकरण हम सबके लिए सीख भी है कि कोई मर्यादा न तोड़े. मैं सदन से आग्रह करूंगा देशहित में काम को आगे बढ़ाया जाए."

मोदी ने कहा, "मंत्री ने माफ़ी मांग ली है, वे नई हैं और हम सब उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि से परिचित हैं. वे एक गाँव से आती हैं."

मोदी ने कहा, "संसद में मामला उठाए जाने से पहले ही मैंने साध्वी के बयान पर नाराज़गी ज़ाहिर की थी."

मोदी ने कहा कि जब एक दोस्त इतने लोगों के सामने माफ़ी माँगे तो हमें भी उसकी माफ़ी स्वीकार कर लेनी चाहिए.

काली पट्टी

संसद के दोनों सदनों में प्रधानमंत्री के बयान के बावजूद विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है.

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Image caption भाजपा का कहना है कि साध्वी दलित हैं इसलिए उन पर निशाना साधा जा रहा है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी समेत कांग्रेसी सांसद संसद में मुँह पर काली पट्टी बाँधकर पहुँचे.

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "मुद्दा यह नहीं है कि कौन किस पृष्ठभूमि से आता है, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. वे एक मंत्री हैं और उन्होंने ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान दिया है."

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद अब ये मुद्दा ख़त्म हो गया है.

लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

दलित कार्ड

वहीं अल्पसंख्यक राज्यमंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने आरोप लगाया कि साध्वी दलित हैं और इसलिए उनपर निशाना साधा जा रहा है.

राज्यसभा की कार्यवाही लगातार चौथे दिन साध्वी के मुद्दे पर प्रभावित रहे.

साध्वी निरंजन ज्योति ने दिल्ली में एक चुनावी सभा में अपशब्दों का प्रयोग किया था.

विवाद बढ़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में साध्वी की सभाओं पर रोक लगा दी है.

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