छत्तीसगढ़: पांच दिन में 12 नवजातों की मौत

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बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान सिम्स में पिछले पांच दिनों में 12 नवजात बच्चों की मौत हो गई है.

परिजनों का आरोप है कि शिशु वार्ड के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में संक्रमण की वजह से नवजात बच्चों की मौत हुई है, वहीं चिकित्सकों ने वहां किसी भी तरह के संक्रमण से इंकार किया है.

झझपुरी गांव के निवासी रामफूल ने तीन दिन पहले अपनी नवजात बेटी को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती करवाया था.

रामफूल कहते हैं, “शुक्रवार को बच्ची को इंजेक्शन लगाते ही मुंह से झाग निकलने लगा और मौत हो गई. बाद में सभी बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ़्ट कर दिया गया.”

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Image caption छत्तीसगढ़ में अभी नसबंदी मामला शांत नहीं हुआ कि नवजात बच्चों की मौत से मचा हड़कंप.

सिम्स के उपाधीक्षक डॉक्टर लाखन सिंह ने कहा, “छोटे अस्पतालों से गंभीर हालत में लाए गए बच्चों को बचाने के लिए हम हरसंभव कोशिश करते हैं.”

घटना सामने आने के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने सिम्स प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की है.

अमर अग्रवाल ने कहा, “बच्चों की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन जो शुरुआती जानकारी मिली है, उसके अनुसार सिम्स लाए गए अधिकांश बच्चों की तबीयत पहले से बहुत गंभीर थी.”

ग़ौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 2006 तक हर एक हज़ार नवजात बच्चों में से 61 की मौत हो जाती थी.

वर्ष 2013 में यह दर 47 हो गई है. हालांकि देश में शिशु मृत्यु दर का औसत केवल 44 है.

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