'काला धन न आने का दुख, पीएम को 6 सुझाव'

सुब्रमण्यम स्वामी

डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी जितना अपने विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं, उतना ही भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाने के लिए भी.

सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिठ्ठी लिखकर काले धन को देश में वापस लाने के लिए छह सुझाव दिए हैं.

बीबीसी से एक ख़ास बातचीत में डॉक्टर स्वामी ने कहा कि विदेशों में भारतीयों के काले धन की कुल राशि 120 लाख करोड़ रुपए है, जो उनके अनुसार देश वापस लाई जा सकती है.

कांग्रेसियों को जेल प्राथमिकता

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प्रधानमंत्री को दिए गए सुझावों में से एक है, "एक अध्यादेश जारी कर घोषणा की जाए कि 2005 के संयुक्त राष्ट्र के भ्रष्टाचार पर प्रस्ताव के अनुरूप भारत सरकार सभी भारतीयों के विदेशों में जमा काले धन का राष्ट्रीयकरण कर रही है. इसलिए उन सभी 70 देशों को, जहाँ गुप्त बैंकिंग होती है, ये धन भारत सरकार को दे देना चाहिए."

सुब्रमण्यम स्वामी के अनुसार दूसरा रास्ता वह है जो जर्मनी और फ्रांस ने अपनाया, "उन्होंने बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत देकर सारे अकाउंट्स हासिल कर लिए".

उन्हें अब तक प्रधानमंत्री से इन सुझावों पर कोई जवाब नहीं मिला है

डॉक्टर स्वामी कहते हैं कि उन्हें इस बात पर मायूसी है कि काला धन देश अब तक वापस नहीं आया है.

यह पूछे जाने पर कि भ्रष्टाचार के इलज़ाम बीजेपी के लोगों पर भी लगे हैं. वह जिस तरह कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ आवाज़ उठाते थे, उस तरह से अब क्यों नहीं उठाते?

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उन्होंने कहा यह काम विपक्ष का है, "मेरी प्राथमिकता है पहले कांग्रेस वालों को जेल भेजो".

डॉ स्वामी भ्रष्टाचार के खिलाफ अक्सर अदालत का रुख करते हैं. उन्होंने 1996 में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के खिलाफ भी ऐसा ही किया था जिसके कारण हाल में जयललिता को चार साल की जेल की सज़ा हुई है.

वह कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ भी अदालत जा चुके हैं और उन्हें उम्मीद है इन नेताओं को भी जेल होगी.

डॉक्टर स्वामी पिछले साल अपनी जनता पार्टी के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे.

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