कथित धर्मांतरण पर लोकसभा में चर्चा

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उत्तर प्रदेश के आगरा में मुसलमानों को कथित तौर पर हिंदू बनाने की घटना पर गुरुवार को दूसरे दिन भी संसद में हंगामा हुआ.

संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्य प्रश्नकाल को रद्द कर धर्मांतरण के मुद्दे पर चर्चा कराना चाहते थे.

इसके लिए कांग्रेस की रंजीता रंजन और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने नोटिस भी दिया था, जिसे लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने स्वीकार कर लिया.

लोकसभा में होगी चर्चा

सत्ता पक्ष का कहना था कि सदन में पहले से सूचीबद्ध विषयों पर चर्चा हो, जबकि विपक्ष प्रश्नकाल रद्द कर पहले धर्मांतरण के मुद्दे पर चर्चा कराना चाहता था.

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हंगामा थमता न देख लोकसभा अध्यक्ष से लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी.

लोकसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था दी कि इस विषय पर भोजनावकाश के बाद दो बजे से चर्चा कराई जाएगी.

भाजपा के राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सरकार इस विषय पर चर्चा कराने को तैयार है.

'दबाव नहीं'

भाजपा के ही योगी आदित्यनाथ ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में धर्मांतरण के आरोपों को बेबुनियाद बताया.

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उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से धर्मांतरण करने वालों का स्वागत है, लेकिन धर्मांतरण के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए.

समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि अगर इस तरह की घटनाओं को रोका नहीं गया और ये फैलती गईं तो देश में सांप्रदायिक दंगे हो सकते हैं. उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति की.

वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और राज्यसभा सदस्य मायावती ने कहा कि धर्मांतरण के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए.

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