'कोलगेट' में मनमोहन का बयान दर्ज हो: कोर्ट

मनमोहन सिंह इमेज कॉपीरइट AFP

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने सीबीआई को आदेश दिया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बयान दर्ज़ कराए.

अदालत ने यह आदेश 2005 में हिंडाल्को को आवंटित कोयला ब्लॉक में हुई गड़बड़ी के मामले में दिया. यूपीए-1 सरकार में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास कोयला मंत्रालय भी था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विशेष अदालत ने जज ने कहा, "मेरी इच्छा थी कि तत्कालीन कोयला मंत्री (मनमोहन सिंह) का बयान दर्ज कराया जाए."

'बिड़ला से भी हो पूछताछ'

अदालत ने पूर्व कोयला सचिव पीसी परख और उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला से और पूछताछ करने के भी आदेश दिए.

Image caption सीबीआई कोर्ट ने कुमार मंगलम बिड़ला से और पूछताछ करने को कहा है

अदालत ने सीबीआई को इस मामले में 27 जनवरी को स्टेटस रिपोर्ट देने के आदेश भी दिए.

कोयला आवंटन घोटाला 2012 में तब सुर्खियों में आया था.

लेखा एवं महानियंत्रक परीक्षक (सीएजी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कोयला खंडों के आवंटन में पारदर्शी तरीका नहीं अपनाने के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपए का नुक़सान हो सकता है.

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