ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ चमकेंगे डाकखाने

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भारत में छोटे शहरों तक पहुंच बढ़ाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों और डाक विभाग ने समझौता किया है.

इसमें ख़ास तौर से उन जगहों पर ध्यान दिया जाएगा जहां कूरियर कंपनियों की पहुंच नहीं है.

डाक विभाग की आमदनी में साल 2012-13 में क़रीब 5,400 करोड़ रुपए की कमी आई. ऐसे में, विभाग अब तकनीक और संसाधनों में निवेश कर रहा है.

डाक सेवा परिषद के सदस्य जॉन सैमुअल कहते हैं, "जिस रफ़्तार से ई-कॉमर्स बढ़ रहा है, हमें उम्मीद है कि आने वाले तीन से चार साल में हमें 3000-4000 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा. हमने कुछ महीने पहले ही शुरुआत की है और आने वाले महीनों में व्यापार बढ़ेगा ही."

भारी निवेश

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भारत की स्वदेशी ई-कॉमर्स कंपनी फ़्लिपकार्ट को उम्मीद है कि डाक विभाग के साथ मिल कर वो अपने कारोबार को और बढ़ाने में कामयाब रहेगी.

फ़्लिपकार्ट की आपूर्ति श्रृंखला के वरिष्ठ निदेशक नीरज अग्रवाल कहते हैं, "पिछले एक साल में हमें भारत के शीर्ष 30 शहरों से 60-70 फ़ीसदी काम मिल रहा था. आज यह मांग घटकर 50 फ़ीसदी हो गई है और छोटे और मध्यम शहरों से मांग 20 फ़ीसदी बढ़ गई है. हमें लगता है कि अगले दो साल में यह मांग बढ़ कर कम से कम 30-40 फ़ीसदी हो जाएगी."

अग्रवाल कहते हैं, "शायद इस पर यकीन मुश्किल हो सकता है लेकिन इस योजना में डाक विभाग की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी. वह हर पिन कोड में मौजूद हैं. कूरियर कंपनियां पांच या छह पिन कोड में ही हैं. हमें लगता है कि जितना ज़्यादा हम डाक विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे, अर्थव्यवस्था और ई-कॉमर्स के लिए उतना ही अच्छा होगा."

इस चुनौती से निपटने के लिए डाक विभाग 1,55,000 डाकघरों के अपने नेटवर्क में तकनीकी सुधार के लिए पांच साल में 4,909 करोड़ रुपए के निवेश करने की योजना बना रहा है.

'आठ बजे तक खुलेंगे डाक घर'

यह देश भर में 260 पार्सल केंद्र बना रहा है और परिवहन पर भारी निवेश कर रहा है ताकि पार्सल समय पर पहुंच सके.

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सैमुअल कहते हैं, "हम अपनी वेबसाइट पर एक ई-कॉमर्स पोर्टल भी चलाएंगे. लोग डाकघरों में जाकर पोर्टल से किसी भी चीज़ का ऑर्डर दे सकते हैं. चूंकि क़ीमत बहुत मायने रखती है इसलिए हमारे दाम ज़्यादा नहीं हैं."

आपूर्ति में देरी रोकने के लिए डाकघरों को शाम आठ बजे तक खोला जाएगा. पहचान पत्र दिखाकर पार्सल को डाकघर से भी लिया जा सकेगा.

सैमुअल कहते हैं, "हम लोग उपभोक्ता पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं. आप अपने पार्सल को डाकघर में पैक भी करवा सकते हैं."

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