तेलंगाना: स्वाइन फ़्लू से तीन की मौत

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हैदराबाद में पिछले दो दिनों में स्वाइन फ्लू से तीन लोगों की मौत होने के बाद तेलंगाना सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं.

तेलंगाना सरकार में स्वाइन फ्लू मामलों से जुड़े अधिकारी डॉक्टर के शुभाकर कहते हैं, ''लोगों को घबराने की ज़रूरत बिलकुल नहीं है. ये ज़रूरी नहीं कि सर्दी और बुखार का कारण स्वाइन फ्लू ही हो. ज़रूरत बस इस बात की है कि सर्दी बुखार पर कड़ी नज़र रखी जाए.’’

पिछले 12 महीनों में तेलंगाना में स्वाइन फ्लू के 54 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से आठ मरीज़ों की मौत हुई है.

डॉक्टर शुभाकर ने बताया कि इन आठ लोगों में से तीन की मौत पिछले 48 घंटों के दौरान हुई.

उन्होंने ये भी बताया कि पिछले एक हफ्ते में स्वाइन फ्लू के दर्जनों मामले रिपोर्ट किए गए हैं जबकि आठ लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

सर्दी और ज़ुकाम

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स्वाइन फ्लू से मरने वाले तीन मरीज़ों में से एक 25 साल और दूसरी 42 साल की महिला हैं. दोनों को बेहद गंभीर हालत में हैदराबाद अस्पताल में भर्ती किया गया था.

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जबकि तीसरे मरीज़ की मौत दो अस्पतालों में इलाज के बाद हुई.

डॉक्टर शुभाकर ने बताया, ''जाड़े के मौसम के कारण स्वाइन फ्लू का वायरस बेहद सक्रिय हो जाता है. खांसी, जुकाम, सिरदर्द और गले में खराश जैसे लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की ज़रूरत है. इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ ना करें क्योंकि ऐसा करने से श्वसन प्रणाली पर दबाव पड़ता है .’’

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Image caption हैदराबाद में पिछले 12 महीनों में 8 स्वाइन फ्लू मरीजों की मौत हुई है.

वे इस बात से सहमत हैं कि हैदराबाद के कुछ इलाकों में 'टैमीफ्लू' की गोलियां बांटी जा रही हैं जबकि इसकी कोई ज़रूरत नहीं थी.

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उन्होंने बताया, ''ये दवाई फ्लू के मरीज़ों को दी जाती है. जबकि फ्लू से बचने के लिए निजी डॉक्टर या अस्पताल से टीकाकरण करवाने की ज़रूरत है.’’

डायबिटीज़, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी, अस्थमा, और कैंसर के मरीज़ो तथा 5 साल से कम उम्र के बच्चों को इस वायरस के प्रति सबसे ज़्यादा संवेदनशील माना गया है.

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