धर्मांतरण पसंद नहीं तो क़ानून बनाने में मदद करें: भागवत

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि अगर दूसरे धर्मों के लोग हिंदू नहीं बन सकते तो फिर हिंदुओं का धर्मांतरण भी नहीं होना चाहिए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार संघ प्रमुख ने सरकार से मांग की है कि वह संसद में धर्मांतरण के खिलाफ़ कानून लाए.

उन्होंने यह भी कहा है, "जबरन या लालच देकर धर्मांतरित किए गए लोगों की हिंदू धर्म में वापसी के लिए उनका संगठन कोशिश करता रहेगा."

धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर लगातार संसद में पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध चल रहा है.

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आगरा में कथित धर्मांतरण की घटना के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है.

संसद में इस मुद्दे पर पूरे हफ़्ते हंगामा होता रहा. विपक्षी दल इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग पर अड़े हैं.

धर्मांतरण पर कानून

उधर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि उनकी पार्टी जबरन धर्मांतरण के ख़िलाफ़ है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर दूसरी राजनीतिक पार्टियां धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर गंभीर हैं तो उन्हें धर्मांतरण विरोधी क़ानून से जुड़े बिल का समर्थन करना चाहिए.

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केरल के पलक्कड़ में भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरूआत करने पहुंचे शाह ने कहा पत्रकारों से कहा, "बीजेपी जबरन धर्मांतरण के ख़िलाफ़ है और इसलिए हम क़ानून लाना चाहते हैं."

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक हिंदूवादी संगठन के ज़रिए कथित धर्मांतरण की घटना पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला कोर्ट में है इसलिए उसके बारे में वो कुछ नहीं कह सकते.

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