चुनावों को 'पाक पर जीत' न बताएं: उमर

उमर अब्दुल्ला

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को सलाह दी है कि वो राज्य के चुनाव को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सामरिक जीत के तौर पर पेश नहीं करें.

श्रीनगर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उमर अब्दुल्लाह ने ये तक कहा कि इस तरह के बयान अलगाववादियों के 'हाथों में खेलने' जैसा है.

भारतीय सुरक्षा सलाहकार के एक बयान पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर उमर अब्दुल्लाह ने कहा, "ये चुनाव भारत और पाकिस्तान के बारे में नहीं है. ये चुनाव कश्मीर के मुद्दे पर भी नहीं है. ये जम्मू-कश्मीर की जनता को अपना प्रतिनिधि चुनने और अपनी सरकार बनाने के लिए करवाया गया चुनाव है."

उन्होंने कहा, "इसके अलावा किसी तरह की विवेचना बहुत सारे ख़तरों से भरा है. क्योंकि अलगाववादी इसी तरह की प्रतिक्रिया चाहते हैं."

रिकॉर्ड मतदान

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राज्य में हुए चुनाव में इस बार कुल मिलाकर 65 फ़ीसदी से अधिक मत पड़े हैं जिसे भारतीय हुकूमत और मीडिया जम्मू-कश्मीर की जनता का प्रजातंत्र में बढ़ते यक़ीन और अलगाववादियों की अनदेखी के तौर पर पेश कर रहा है.

उमर अब्दुल्लाह ने 2008 विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ़्रेंस को सरकार बनाने का मौक़ा देने के लिए जनता का शुक्रिया अदा किया.

लेकिन साथ ही उन्होंने साल 2010 में राज्य में हुई ज़बरदस्त हिंसा पर अफ़सोस भी जताया जिसमें 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

उनका कहना था कि उन्होंने सेना को मिले विशेष अधिकार को भी हटवाने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें अफ़सोस है कि ये काम उनके काल में शुरू नहीं हो सका.

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Image caption जम्मू कश्मीर में इस दफ़ा 65 फ़ीसदी मतदान हुआ है

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से तालमेल की संभावनाओं से इनकार किया.

उमर अब्दुल्लाह ने दावा किया कि किसी भी दल को 2014 के विधानसभा चुनाव में बहुमत नहीं मिलेगा.

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