बेंगलूरु धमाका: 'किसी पेशेवर का हाथ'

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बेंगलूरु में रविवार रात को हुए धमाके के पीछे पुलिस ने किसी 'पेशेवर' का हाथ होने की आशंका व्यक्त की है.

शहर की चर्च स्ट्रीट में हुए इस धमाके में एक महिला की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए.

मृतक महिला का नाम भवानी था और वो चेन्नई की रहने वाली थीं.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "ये किसी नौसिखिए का काम नहीं था. आइईडी और टाइमर से लैस इस धमाके के पीछे कोई परिपक्व दिमाग़ था."

धमाके के बाद राजधानी दिल्ली, मुंबई, पुणे समेत कई प्रमुख शहरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.

गुलदस्ते में हुआ धमाका

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Image caption धमाके में 38 वर्षीय भवानी की मृत्यु हो गई.

धमाका शहर के मशहूर रेस्त्रां के गेट पर रखे हुए गुलदस्ते में हुआ.

एक चश्मदीद नरसिम्हा नाम के ऑटो ड्राइवर ने कहा, "मैंने जैसे ही धमाके की आवाज़ सुनी मैं फ़ौरन दौड़कर घटनास्थल की तरफ़ गया. मैंने देखा कि एक महिला के सर से ख़ून बह रहा है. मैंने उसे और एक अन्य घायल व्यक्ति को फ़ौरन अस्पताल पहुंचाया."

पेशे से इंजीनियर विनय और उनके दोस्त संदीप जो उस रेस्त्रां से बाहर निकले थे उनके पैरों में चोट आई.

बेंगलूरु पुलिस कमिश्नर एमएन रेड्डी ने बीबीसी को बताया, "हमें शहर में इस तरह की घटना की आशंका तो थी लेकिन कोई विशेष जानकारी नहीं थी."

गृहमंत्री की सीएम से बात

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने हमले के बाद मीडिया से कहा, "मेहदी (मसरूर बिसवास, आईएस का ट्विटर हैंडल चलाने वाला कथित समर्थक) की गि़रफ़्तारी के बाद शहर में अलर्ट जारी किया गया था. उसके बाद भी ये घटना हो गई. ये कोई लापरवाही का मामला नहीं था लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुझसे फ़ोन पर बात की और हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया."

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मुख्यमंत्री ने मरने वाले के परिजन को पांच लाख रुपए के मुआवज़े और घायलों के मुफ़्त इलाज की घोषणा की है.

इसी महीने की शुरुआत में इंटेलीजेंस की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने इस तरह के हमलों की आशंका ज़ाहिर की थी.

मंत्रालय ने ये अलर्ट प्रतिबंधित संगठन सिमी के पांच सदस्यों के मध्यप्रदेश के खंडवा में पुलिस हिरासत से भागने के बाद जारी किया था. मंत्रालय की तरफ़ से राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक के लिए ख़ास तौर से अलर्ट जारी किया गया था.

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गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया था कि ख़ुफ़िया विभाग ने पाकिस्तान में मौजूद चरमपंथी संगठन के कुछ लोगों और सिमी के इन पांच लोगों के बीच बातचीत को इंटरसेप्ट किया था जिनमें अगले कुछ दिनों में चरमपंथी हमले करने की योजना पर बातचीत की जा रही थी.

28 दिसंबर 2005 को एक चरमपंथी ने इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ़ साइंस के सामने गोलीबारी की थी जिसमें दिल्ली से आए एक प्रोफ़ेसर की मौत हो गई थी.

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