कश्मीर में महबूबा को याद आए वाजपेयी?

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पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ़्ती ने बार-बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पहल और एजेंडे की बात करते हुए कहा है कि जम्मू कश्मीर में नई सरकार को उसी एजेंडे को आगे बढ़ाना होगा.

महबूबा मुफ़्ती ने जम्मू में राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात के बाद मीडिया से ये कहा.

उन्होंने संकेत दिए कि भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ़्रेंस, कांग्रेस और निर्दलीयों की पेशकश के बाद पीडीपी के पास 55 विधायकों का समर्थन हासिल है.

वे किस से समर्थन लेंगे, इस पर अपने पत्ते खोले बिना उन्होंनें कहा कि पीडीपी सरकार बनाने की जल्दबाज़ी में नहीं है.

एनडीए की शांति प्रक्रिया

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उन्होंने कहा कि 2003 में केंद्र की एनडीए सरकार ने शांति प्रक्रिया शुरू की थी. पीडीपी उस एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती है.

उन्होंने कहा कि वाजपेयी सरकार ने हुर्रियत कांफ्रेंस को बातचीत के लिए बुलाया था और जम्मू कश्मीर को विशेष पैकेज दिया था.

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीरकी जनता का फ़ैसला बहुत ही चुनौतीपूर्ण है. देश के नेताओं को इस चुनौती को गंभीरता से लेना चाहिए.

उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर इन नतीजों के बाद ज़िम्मेदारी आई है और कश्मीर समस्या का समयसीमा के भीतर हल होना चाहिए.

Image caption विधानसभा चुनाव में पीडीपी ने सबसे अधिक 28 सीटें जीती हैं.

जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में कुल 87 सीटों में से 28 सीटें जीतकर पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. भाजपा को इस चुनाव में 25 सीटें मिली हैं.

वहीं राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस को 17 और कांग्रेस को 12 सीटें मिलीं हैं. अन्य सीटें छोटे दलों और निर्दलियों ने जीती हैं.

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