गुजरात मॉडल के 'प्रशंसक' हैं पनगढ़िया

अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया नीति आयोग  के पहले उपाध्यक्ष इमेज कॉपीरइट PTI

जाने-माने अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया नीति आयोग(नेशनल इंस्टीट्यूट फ़ॉर ट्रांसफ़ॉर्मिंग इंडिया) के पहले उपाध्यक्ष नियुक्‍त किए गए हैं. नीति आयोग 65 साल पुराने योजना आयोग की जगह लेगा.

पनगढ़िया को नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल का समर्थक माना जाता है. आम चुनावों से पहले उन्होंने गुजरात के विकास मॉडल के पक्ष में लेख लिखे थे.

भारतीय-अमरीकी अर्थशास्त्री 62 वर्षीय पनगढ़िया कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर हैं.

कोलंबिया विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने 1970 के दशक में राजस्थान विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में बीए और एमए किया था और प्रिंस्टन विश्वविद्यालय से पीएचडी की.

वो एशियन डेवेलपमेंट बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री रहने के अलावा विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व व्यापार संगठन और व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र के साथ भी काम कर चुके हैं.

वसुंधरा राजे के सलाहकार

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Image caption नीति आयोग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे.

अरविंद राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की आर्थिक सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और राजस्थान में हुए श्रम सुधारों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है.

इस नए आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय और रक्षा अनुसंधान और विकास संस्थान(डीआरडीओ) के पूर्व प्रमुख वीके सारस्वत को भी पूर्ण कालिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया.

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुरेश प्रभु और राधा मोहन सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया जबकि नितिन गडकरी, स्मृति ज़ुबिन ईरानी और थावर चंद गहलोत को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है.

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