आपकी जेब पर रेपो रेट के 5 असर

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रिजर्व बैंक ने रिपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती का ऐलान कर दिया है. रेपो रेट अब 8 प्रतिशत से घटकर 7.75 प्रतिशत हो गया है.

केंद्रीय बैंक के इस फ़ैसले का आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?

अन्य बैंक रिजर्व बैंक से लिए पैसे पर जो ब्याज़ चुकाते हैं, वो रेपो रेट है.

5 मुख्य असर

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1. रेपो रेट कम होने से बैंकों पर दबाव कम होगा, जिसका असर ये होगा कि वे ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं. ऐसा होने से बैंकों से लिए गए कर्ज़ पर चुकाई जाने वाली मासिक क़िस्तों में कुछ कमी हो सकेगी.

2. बैंक अगर ब्याज़ दरों में कटौती करते हैं तो उत्पादन क्षेत्र की कंपनियों को बतौर ब्याज़ कम पैसे देने होंगे जिससे उनकी लागत में कमी आएगी और उनका मुनाफ़ा बढेगा, कर्ज़ में डूबी कंपनियों को थो़ड़ी राहत मिलेगी.

Image caption रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने रेपो रेट घटाए.

3. कंपनियाँ व्यवसायिक होड़ में टिके रहने के लिए क़ीमतों में कटौती कर सकती हैं जिससे औद्योगिक उत्पादों के दाम कुछ कम हो सकते हैं.

3. बैंक रियल एस्टेट के क्षेत्र में अधिक पैसे देना चाहेंगे, इससे घर के लिए कर्ज लेना आसान होगा.

4. बैंक नकद रक़म बढ़ा सकते हैं, बाजार में अधिक पैसे होंगे और अधिक पैसे की वजह से पूरी अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर हो सकता है.

5. किस्त में कटौती से खर्च के लिए घरेलू आय बढ़ेगी तो संभव है कि माँग बढ़ने से महंगाई दर भी थोड़ी बढ़े लेकिन यह पूरी अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने में मदद करेगा.

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