उबर मामले की कोर्ट में सुनवाई शुरू

उबर ऐप, टैक्सी इमेज कॉपीरइट AFP

दिल्ली की एक फ़ास्ट ट्रैक अदालत में गुरुवार को उबर ऐप के ज़रिए मंगाई गई टैक्सी में हुए कथित बलात्कार के मामले की सुनवाई शुरू हुई.

टैक्सी ड्राइवर 25 वर्षीय शिव कुमार यादव पर बलात्कार के अलावा धमकी देने और अपहरण करने के आरोप हैं.

पिछले महीने एक 26 वर्षीय कॉरपोरेट एक्ज़ीक्यूटिव महिला ने इस टैक्सी चालक पर बलात्कार का आरोप लगाया था. वहीं, टैक्सी चालक ने ख़ुद को निर्दोष बताया है.

उबर पर प्रतिबंध

इमेज कॉपीरइट epa
Image caption उबर टैक्सी मामले के अभियुक्त को अदालत ले जाती पुलिस. (फ़ाइल फोटो)

घटना के बाद जाँच में उबर के कामकाज में कई तरह की ख़ामियां पाई गईं और दिल्ली परिवहन विभाग ने उसे प्रतिबंधित कर दिया था.

इस घटना के बाद कई अन्य दूसरे देशों में भी अलग-अलग कारणों से उबर की सेवाओं पर रोक लगाई गई है.

राजधानी दिल्ली में दिसंबर 2012 में चलती हुई बस में एक युवती से हुए सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में हुए ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए थे.

इसके बाद ही सरकार ने महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों के मुक़दमों की जल्द सुनवाई के लिए विशेष फ़ास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार