राष्ट्रपति ने लगाई विपक्ष को 'फटकार'

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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विपक्ष से संसद की कार्यवाही में रुकावट न डालने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को भी अध्यादेश का रास्ता हर मामले में नहीं अपनाना चाहिए.

प्रणब मुखर्जी ने कहा, "संसद आम सहमति बनाने की जगह होती है. विपक्ष को हंगामा नहीं मचाना चाहिए. इससे सदन की कार्यवाही में व्यवधान पैदा होता है. जिससे संसाधनों और वक़्त दोनों की बरबादी होती है."

साथ ही उन्होंने सरकार को भी सीख देते हुए कहा, "संविधान सरकार को अध्यादेश लाने के बेहद सीमित अधिकार ही देता है." सरकार हाल में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अध्यादेश लाई है.

उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर क़ानून बनाने के लिए 'अध्यादेश का रास्ता' अपनाने से बचना चाहिए और 'विशेष परिस्थितियों' में ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए.

विपक्ष को 'नसीहत'

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उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "हंगामेदार अल्पसंख्यक (विपक्ष) को धैर्यवान बहुसंख्यक (सरकार) को रोकने की इजाज़त नहीं दी जा सकती. ये बात विपक्ष को समझनी चाहिए."

उन्होंने कहा, "सदन के तीन मुख्य काम होते हैं. प्रतिनिधित्व, कानून बनाना और निरीक्षण करना."

केंद्रीय विश्वविद्यालयों के छात्रों को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए संबोधित करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, "साल 2014, भारतीय राजनीति के लिहाज़ से काफ़ी घटनाप्रधान साल रहा. लोगों ने एक स्थायी सरकार के लिए वोट दिया. उम्मीद करते हैं नया साल देश के लिए नई उपलब्धियों और कामयाबी का साल साबित होगा."

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उन्होंने कहा, "सदन का काम कानून बनाना है. नीतियों को लागू करवाना और लोगों की चिंताओं का समाधान करना. ये करने के बजाय सिर्फ़ विरोध प्रदर्शन करना विपक्ष का उद्देश्य नहीं होना चाहिए."

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