शक्कर कितना मीठा है?

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खाने पीने की चीज़ों में मौजूद शक्कर मोटापा बढ़ाने के लिए कितना ज़िम्मेदार है, इस पर ज़ोरदार बहस चल रही है.

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने रोज़ाना जितनी शक्कर लेने की सिफ़ारिश की थी, अब उसका आधा कर दिया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि लोगों को चाहिए कि वे अपने रोज़ाना की कैलोरी का पांच प्रतिशत ही मीठी चीज़ों से लें.

पर हम रोज़ाना कितनी शक्कर लें, यह तय करना उतना आसान भी नहीं है जितना लोग समझते हैं.

कुछ मीठा हो जाए?

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स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि फलों और दूध में प्राकृतिक रूप से मौजूद शक्कर तो फिर भी ठीक है. फलों का रस इसका अपवाद हो सकता है.

पर वे पकाए गए खाने में बाहर से डाले गए शक्कर को अच्छा नहीं मानते.

फ़िलहाल तो यह माना जा रहा है कि रोज़ाना लिए जाने वाले शक्कर का ज़्यादा से ज़्यादा 11 फ़ीसदी हिस्सा बाहर से लिए गए शक्कर से हो सकता है. अल्कोहल को जोड़ा जाए तो यह मात्रा 10 प्रतिशत तक ही होना चाहिए.

इसका मतलब यह हुआ कि पुरुष लगभग 50 ग्राम और महिला क़रीब 70 ग्राम चीनी रोज़ाना ले सकते हैं. यह भी इस पर निर्भर है कि वे कितने सक्रिय हैं.

ब्रिटेन की पोषण से जुड़ी वैज्ञानिक सलाहकार समिति ने इसे आधा कर दिया है.

अल्कोहल है शर्करा का बड़ा स्रोत?

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पर खाने पीने के पैकेट पर जरा एक नज़र डालें तो आप पाएंगे कि दरअसल इससे जुड़ा दिशा निर्देश क्या है.

ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के दूसरे देशों में यह माना जाता है कि रोज़ाना 90 ग्राम तक शक्कर लिया जा सकता है.

90 ग्राम लगभग छोटे 22 चम्मचों की चीनी के बराबर होता है.

कुछ मामलों में तो शक्कर की मात्रा का हिसाब लगाना आसान है. मसलन, 330 मिलीलीटर सामान्य कोका कोला या पेप्सी में 35 ग्राम शक्कर होती है. यानी, लगभग नौ चम्मच चीनी.

पर एक प्लेट स्वीट एंड सॉवर चिकन में 22 ग्राम यानी साढ़े पांच चम्मच से ज़्यादा चीनी हो सकती है.

आख़िर हम कितना शक्कर लेते हैं?

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एक्शन ऑन सुगर की कैथरीन जेनर कहती हैं, ''आम लोगों को यह पता लगना लगभग नामुमिक़न है कि वे हर दिन कितना शक्कर लेते हैं.''

लोगों के खाने पीने की चीज़ों का अनुमान लगाने के हर तरीक़े में कुछ न कुछ कमी है.

पर ब्रिटेन के लोगों के खाने पीने पर तैयार राष्ट्रीय भोजन व पोषण सर्वेक्षण सबसे सही है.

इसके ताज़ा सर्वे से पता चलता है कि लगभग सारे लोग 11 प्रतिशत से ज़्यादा शक्कर बाहरी स्रोतों से लेते हैं.

पर बच्चों में यह और अधिक है. 11 से 18 वर्ष के किशोर अपने शक्कर का 15 प्रतिशत हिस्सा बाहर से लेते हैं.

अब यहां से कहां जाएं हम?

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ठंढा पेय चीनी का सबसे बड़ा बाहरी स्रोत है. 11-18 वर्ष के किशोरों के शक्कर का 42 फ़ीसदी यहीं से आता है.

ये अपने शक्कर का 19 से 22 प्रतिशत हिस्सा मिठाइयों, चॉकलेट, जैम, केक और बिस्कुट से लेते हैं.

वयस्कों का मामला थोड़ा अलग है. 19 से 64 की उम्र के लोगों के शक्कर का बड़े स्रोत जैम, ठंढे पेय और अनाज हैं. इसके अलावा वे शक्कर का 10 फ़ीसदी हिस्सा तो शराब से ही लेते हैं.

यह तो बिल्कुल साफ़ है कि बाहर से लिए गए शक्कर से मोटापा बढ़ता है और मोटापा स्वास्थ्य के लिए चिंता की बात है.

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