मोदी और ओबामा ने क्या-क्या कहा

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भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का मानना है कि दोनों देशों में बहुत सी समानताएं हैं.

नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा ने अपने संयुक्त रेडियो प्रसारण में दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने पर ज़ोर दिया.

पहले से रिकॉर्ड किए गए इस कार्यक्रम का प्रसारण मंगलवार को किया गया. इसमें दोनों नेताओं ने आल इंडिया रेडियो के श्रोताओं के सवालों के जवाब दिए.

इसका प्रसारण तब किया गया, जब बराक ओबामा अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा पूरी कर वापस लौट गए.

दोस्ताना संबंध

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विश्लेषकों का कहना है कि इस दौरान मोदी एक दोस्त की तरह नज़र आए और कई मौक़ों पर उन्होंने ओबामा को बराक कहकर संबोधित किया.

वहीं अमरीकी राष्ट्रपति अमरीका और भारत के बीच समानताओं पर प्रकाश डालते नज़र आए. उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बीच 'मज़बूत रिश्तों' पर ज़ोर दिया.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नियमित रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में अमरीकी नेता का स्वागत किया और चाय विक्रेता के रूप में अपने जीवन की शुरूआत के बारे में उन्हें बताया. उन्होंने ओबामा के सादगीपूर्ण शुरूआत की जानकारी भी दी.

उन्होंने कहा कि ओबामा और उनके अपने करियर से पता चलता है कि अमरीका और भारत, अवसरों का देश हैं. जहां लोग सफल होने के अपने सपने को पूरा कर सकते हैं.

व्हाइट हाउस की यात्रा

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प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों पहले जब उन्होंने एक आम आदमी के रूप में व्हाइट हाउस की यात्रा की थी तो वो भाव-विभोर हो गए थे. लेकिन उन्होंने इसकी कल्पना नहीं की थी कि भारत के प्रधानमंत्री के रूप में वो उस ऐतिहासिक भवन की यात्रा करेंगे.

उन्होंने भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की ज़रूरत का भी उल्लेख किया. प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ अभियान की भी चर्चा की और ओबामा की बेटियों को भारत यात्रा के लिए आमंत्रित किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने ओबामा से कहा कि उन्हें बेंजामिन फ़्रेंकलिन की जीवनी से प्रेरणा मिलती है.

प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम को लोगों से हैशटैग #यसवीकैन के जरिए 'भारत से गरीबी हटाने' जैसे मुद्दों पर चर्चा करने की अपील करते हुए ख़त्म किया. उन्होंने हैशटग 'हेल्थकेयरटूआल' और ' इंड टू टेरोरिजम' की भी चर्चा की.

अमरीकी राष्ट्रपति

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मोदी से अपनी सहमति जताते हुए ओबामा ने कहा कि उन्होंने भी कभी नहीं सोचा था कि वो अमरीका के राष्ट्रपति बनेंगे.

उन्होंने कहा कि अमरीका और भारत में बहुत सी समानताएं हैं और दोनों देश दुनिया को और शांतिमय और समृद्ध बना सकते हैं.

उन्होंने अपनी बेटियों के लिए मोदी के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया और कहा कि वो उन्हें बताएंगे कि भारत उतना ही भव्य है जितना उन्होंने सोचा था.

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Image caption ओबामा ने भारतीय प्रधानमंत्री को संबोधित करने के लिए उनका प्रथम नाम लेने से परहेज किया.

उन्होंने युवाओं के लिए 'शिक्षा', 'शासन', 'अवसर' जैसे मुद्दों की बात की और बताया कि उन्होंने अपनी 'बेटियों' के लिए कुछ 'खरीदारी' की योजना बनाई है.

अमरीकी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नेता महात्मा गांधी के जीवन से सीख ली.

हालांकि ओबामा ने भारतीय प्रधानमंत्री को संबोधित करने के लिए उनका प्रथम नाम लेने से परहेज किया.

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