'आप को विदेशी चंदे में कोई गड़बड़ नहीं'

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केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि आम आदमी पार्टी को विदेशों से मिला चंदा विदेशी अंशदान अधिनियम (एफ़सीआरए) के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं है.

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और आरएस एंडलॉ की पीठ को गृह मंत्रालय ने बताया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की जांच में 'आप' के ख़िलाफ़ कुछ नहीं मिला है.

पीटीआई के अनुसार अदालत ने सरकार को आदेश दिया कि वह इस मामले में तहकीकात के परिणामों को एक सीलबंद लिफ़ाफ़े में नई स्टेटस रिपोर्ट अदालत के सामने दाखिल करे.

फ़ैसला सुरक्षित

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अदालत से 'आप' को विदेशों से मिलने वाले वर्तमान और पुराने चंदे के एफ़सीआरए प्रावधानों के संभावित उल्लंघन की सीबीआई जांच की मांग की गई थी.

लेकिन अदालत ने याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रखा है.

अदालत ने कहा, "हम सभी तथ्यों को ध्यान में रखेंगे और फिर फ़ैसला करेंगे."

'आप' की ओर से पेश हुए वकील प्रणव सचदेवा ने कहा कि पार्टी ने विदेशी चंदा हासिल करने में किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है. पार्टी को 30 करोड़ रुपये भारतीय नागरिकों से मिले हैं जिनमें से 8.5 करोड़ एनआरआई ने दिए हैं.

'आप' ने सुप्रीम कोर्ट से देश के सभी मुख्य राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के चंदे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग भी की है.

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