झारखंड: मंत्रिमंडल का विस्तार, एक पर पेंच

अटकलों- कयासों के बीच और डेढ़ महीने से अधिक समय के बाद गुरुवार की शाम झारखंड में मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ. छह विधायकों को राज्यपाल डॉ सैयद अहमद ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

इनमें चार भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं. दो लोग हाल ही में झारखंड विकास मोर्चा से बीजेपी में शामिल हुए हैं.

इस बीच नए मंत्रियों के बीच मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विभागों का भी बंटवारा कर दिया है.

हालांकि विस्तार के बाद भी मंत्रिमंडल में एक जगह खाली है. दरअसल इस जगह को लेकर पेंच फंसा है.

मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 12 मंत्रियों की जगह निर्धारित है.

इससे पहले 28 दिसंबर को मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत चार लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली थी.

जिन छह लोगों को पद की शपथ दिलाई गई है उनमें सरयू राय, रामचंद्र चंद्रवंशी, डॉ नीरा यादव, राज पालीवाल, अमर बाउरी और रणधीर सिंह शामिल हैं.

अमर बाउरी और रणधीर सिंह इस बार झारखंड विकास मोरचा के टिकट पर चुनाव जीते थे. हाल ही में झारखंड विकास मोरचा के छह विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं.

जेवीएम ने झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है.

क्या हो सकता है पेंच

सरकार में अब एक और मंत्री कौन बनेगा, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं.

भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी आजसू पार्टी पहले से मंत्रिमंडल में दो लोगों को शामिल किए जाने की मांग उठाती रही है. पांच विधायकों वाली आजसू पार्टी का भारतीय जनता पार्टी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन है.

आजसू के वरिष्ठ विधायक कमलकिशोर भगत मंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं. मंत्री नहीं बनाये जाने पर मीडिया के समक्ष उन्होंने नाराजगी भी जताई है.

इधर जेवीएम छोड़ बीजेपी में शामिल होने वाले छह विधायकों में नवीन जायसवाल मंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे. नवीन जायसवाल दूसरी बार चुनाव जीते हैं. इससे पहले वे आजसू के टिकट से चुनाव जीते थे.

राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा है कि आजसू और नवीन जायसवाल के बीच ही पेंच फंसा है.

इस बीच कांग्रेस के प्रवक्ता लालकिशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि बीजेपी को ये बताना चाहिए कि मंत्रिमंडल के पूर्ण विस्तार में उसे किन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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