मंत्रालय से दस्तावेज़ लीक, तीन गिरफ़्तार

भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय से सरकारी दस्तावेज़ चुराने, जालसाजी करने और ग़ैर-क़ानूनी रूप से मंत्रालय के दफ़्तर में घुसने का मामला सामने आया है.

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने 17 फ़रवरी की रात को तीन लोगों को सरकारी दस्तावेज़ों के साथ गिरफ़्तार किया.

पुलिस कमिश्नर ने कहा, "हमने शास्त्री भवन में जाल बिछाया था. जिसके बाद तीन व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया था. उनके पास से ऐसे सरकारी दस्तावेज़ मिले थे जो उनके पास नहीं होने चाहिए थे."

पुलिस कमिश्नर के अनुसार ये लोग इन दस्तावेजों की फ़ोटोकॉपी ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों के लिए काम करने वालों लोगों को बेचते थे.

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरफ़्तार लोगों पर चोरी, जालसाज़ी और इमारत में ग़ैर-क़ानूनी रूप से प्रवेश करने का मामला दर्ज किया गया है.

हिरासत

इमेज कॉपीरइट GOI

पुलिस के अनुसार इन तीन लोगों की मदद करने वाले दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है.

कमिश्नर ने बताया कि ये लोग जिन लोगों को सरकारी दस्तावेज देते थे उनकी भी पहचान कर ली गई.

पुलिस के अनुसार ये लोग जाली दस्तावेजों की मदद से शास्त्री भवन में घुसकर दस्तावेज़ चुराते थे.

कमिश्नर ने बताया कि ये दस्तावेज आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत आते हैं या नहीं इसकी जाँच की जा रही है.

इस मामले पर पेट्रोलियम राज्यमंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है, "पिछले सरकार में दस्तावेज़ का लीक होना आम बात थी अब इस संबंध में कड़े प्रावधान किए गए हैं. हमने मंत्रालय में कैमरे लगवाए हैं."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)