पचौरी पर एक और महिला ने लगाया आरोप

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पर्यावरणविद आरके पचौरी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन पैनल (आईपीसीसी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

पचौरी पर दिल्ली के ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) में काम कर चुकी एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

पीड़िता की वकील ने कहा है कि इससे पहले भी पचौरी पर उत्पीड़न का आरोप लग चुका है.

74 साल के पचौरी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पीड़िता की वकील वृंदा ग्रोवर ने मामले में एफआईआर दर्ज होने का हवाला देकर अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया है.

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हालांकि उन्होंने कहा कि इस मामले के प्रकाश में आने के बाद एक और महिला सामने आई है जिसने पचौरी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

अब पुलिस करेगी अपना काम

मौजूदा मामले में पीड़िता की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा, ''इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है.

अब पुलिस को अपना काम करना है. ज़ाहिर है कि इस केस में मोबाइल और लैपटॉप से कई अहम जानकारियां मिलेंगी.

हां, यह ज़रूर है कि इस एफआईआर के बाद एक अन्य महिला भी सामने आई है जिन्होंने पचौरी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.''

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यह जानकारी मिली है कि जिस दूसरी पीड़िता का नाम सामने आ रहा है वह भी टेरी में ही साल 2005 में कार्यरत थी.

खुद को बताया निर्दोष

पचौरी लगातार इन सभी आरोपों को गलत बताते रहे हैं. मंगलवार को उनके प्रवक्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उनके इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा की थी.

पीड़िताओं ने उनके खिलाफ कई ई—मेल और मैसेज सार्वजनिक किए थे जिसे पचौरी ने गलत बताया था.

पचौरी का कहना था कि उनका कंप्यूटर हैक कर लिया गया है और उनको फंसाया जा रहा है. वह पूरे मामले में खुद को निर्दोष बता रहे थे.

26 फरवरी तक गिरफ़्तारी पर रोक

इस मामले में दिल्ली की एक अदालत ने 26 फरवरी तक उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी थी.

26 फरवरी को ही उनकी ज़मानत पर सुनवाई होनी है. गौरतलब है कि पचौरी को 1982 में टेरी का चेयरमैन बनाया गया था.

साल 2002 में उन्हें आईपीसीसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. उनकी अध्यक्षता में आईपीसीसी को सन 2007 में शांति का नोबेल पुरस्कार भी मिला था.

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