जेटली की पोटली से लोगों को क्या उम्मीदें हैं?

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बजट को लेकर आम लोगों की अमूमन यह शिकायत होती है कि महंगाई और बढ़ गई.

लेकिन इस बार भारी बहुमत से जीतकर आई नरेंद्र मोदी सरकार से आम लोगों की उम्मीदें कुछ ज़्यादा हैं.

बीबीसी हिंदी ने समाज के विभिन्न तबक़े के लोगों से यह जानने की कोशिश की कि इस बजट से वे क्या चाहते हैं.

मजीना सिंह, गृहिणी, पटना-

1-रसोई गैस और रिफ़ाइन्ड तेल सस्ता हो.

2-राशन और मसालों के दाम कम हों.

किरन पाल, ड्राइवर, दिल्ली-

3-अच्छी नौकरियां मिलें और रोज़गार बढ़े.

4-निःशुल्क साफ़ पेयजल की सुविधा हर जगह हो.

नारायण मिश्रा, किसान, उत्तर प्रदेश-

5-ग़रीबों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए.

6-ग़रीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाए.

शिवम् ठाकुर, हेयर ड्रेसर-

8-खाने पीने का सामान और सब्ज़ी सस्ती हो.

9-बिजली और पानी की क़ीमतें कम होनी चाहिए.

दुकानदार, नई दिल्ली-

10-टैक्स कम किए जाएं और लाइसेंस प्रणाली को और सरल बनाया जाए.

11-किरासन तेल की क़ीमत कम की जाए.

कर्मचारी, नई दिल्ली-

12-शराब और सिगरेट महंगी की जानी चाहिए.

13-होम लोन, एजुकेशन लोन और पर्सनल लोन पर ब्याज दरों में कटौती की जानी चाहिए.

14-अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल के दाम कम हुए हैं, यहां भी उसी अनुपात में इनकी क़ीमत में कमी की जानी चाहिए.

यतीन्द्र शर्मा, व्यवसायी, फ़ेरो इंडस्ट्री-

15-व्यवसायियों पर सरकारी दबाव न हो, काग़ज़ी कार्रवाई कम हों.

16-टैक्स प्रणाली को आसान बनाया जाए, बिजली की सप्लाई ठीक की जाएं.

विश्वास पांडेय, मार्केंटिंग प्रमुख, फ़ेरो इंडस्ट्री-

17-वेतनभोगियों के लिए आयकर की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए.

18-लोगों की बचत पर सही ब्याज दर मिले.

लतिका पांडे, शिक्षक

19-शिक्षा बजट बढ़ाना चाहिए.

20-महंगाई के अनुरूप तनख़्वाहें बढ़नी चाहिए.

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