‘कुछ बचेगा तब न संभालिएगा’

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को एक बार फिर माना कि पिछले साल मुख्यमंत्री पद छोड़कर उन्होंने ग़लती की थी.

पटना के गांधी मैदान में जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ता सम्मेलन में नीतीश ने कहा कि वह फिर ऐसी ग़लती नहीं करेंगे.

उन्होंने कार्यकर्ताओं से उनकी इस भावना को जन-जन तक पहुंचाने का भी अनुरोध किया.

पिछले साल लोकसभा चुनावों में बिहार में पार्टी की क़रारी हार के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और इसके बाद जीतनराम मांझी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

‘कुछ बचेगा तब न संभालिएगा’

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बिना किसी का नाम लिए नीतीश ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि मांझी विकास से ध्यान हटाकर अपनी महत्वाकांक्षा पूरी करने के चक्कर में पड़ गए थे.

नीतीश के अनुसार मांझी की कार्यशैली और बयानों के कारण लोग उनसे कहने लगे थे कि "पार्टी बचेगी तब न संभालिएगा."

सुनाए बयान

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लगभग एक घंटे के भाषण में नीतीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और बाबा रामदेव के पुराने बयान सुनाकर भाजपा और केंद्र सरकार की नाकामी और वादाख़िलाफ़ी की याद दिलाई.

भाषण के दौरान काला धन वापसी और जम्मू-कश्मीर चुनाव के संबंध में दिए गए इन नेताओं के बयान भी सुनाए गए.

नीतीश ने ज़मीन अधिग्रहण क़ानून में बदलाव पर भी केंद्र पर निशाना साधा. उन्होंने विधेयक के विरोध में पूरे राज्य में एक दिन का उपवास करने की घोषणा भी की.

शक्ति परीक्षण

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यह सम्मेलन पिछले साल नवंबर में शुरू हुई संपर्क यात्रा के समापन पर किया गया था. पहले इसे 15 फ़रवरी को होना था, लेकिन हाल की राजनीतिक उठापटक के बाद इसे एक मार्च तक टाल दिया गया था.

इस सम्मेलन को पार्टी के शक्ति परीक्षण के रूप में देखा जा रहा था.

सम्मेलन को दूसरे नेताओं के साथ-साथ जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव और प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने भी संबोधित किया.

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