सुप्रीम कोर्ट ने जाट अरक्षण रद्द किया

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फ़ैसला देते हुए जाट आरक्षण को रद्द कर दिया है.

अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार का फैसला दशकों पुराने आंकड़ों पर आधारित है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ अदालत ने कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार ने ओबीसी पैनल की रिपोर्ट को नज़रअंदाज़ किया, जिसमें कहा गया था कि जाट पिछड़ा वर्ग नहीं है.

अदालत ने कहा कि जाति एक महत्वपूर्ण कारक है, लेकिन पिछड़ापन निर्धारित करने के लिए यह अकेले पर्याप्त नहीं है.

पिछली यूपीए सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर जाट आरक्षण को लागू कर दिया था और पिछड़ा वर्ग की आरक्षण सूची में इसे शामिल कर दिया था.

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इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ पिछड़ा वर्ग के संगठनों ने इसको सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

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