नक़ल पर बिहार से रिपोर्ट मांगेगा केंद्र

बिहार में बड़े पैमाने पर नकल इमेज कॉपीरइट AP

केंद्र सरकार बिहार में दसवीं की बोर्ड परीक्षा में बड़े पैमाने पर नक़ल की ख़बरों पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगेगी.

मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने संवाददाताओं से कहा, "मानव संसाधन मंत्रालय इस मामले में राज्य से रिपोर्ट मांगेगा और नक़लमुक्त परीक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा."

सोशल मीडिया पर बिहार में नक़ल कराने की तस्वीरें और वीडियो जारी होने के बाद से ये मामला गर्माया हुआ है और देश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इस ख़बर को जगह मिली है.

गिरफ़्तारियां

बिहार में पुलिस ने परीक्षा में नक़ल करने में मदद करने के आरोप में पूरे राज्य में बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ़्तार किया है. इनमें परीक्षार्थियों के अभिभावक भी शामिल हैं.

स्थानीय पत्रकार मनीष शांडिल्य ने पटना से बताया कि शनिवार को परीक्षा का पाँचवाँ दिन था और 620 परीक्षार्थियों को नक़ल करते पकड़े जाने पर निष्कासित कर दिया गया है.

पटना स्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के नियंत्रण कक्ष के अनुसार शनिवार को ही 19 फ़र्जी परीक्षार्थियों को भी पकड़ा गया, जिसमें एक लड़की भी शामिल है.

शनिवार को ही पुलिस ने नक़ल में मदद करने के आरोप में 47 अभिभावकों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की.

परीक्षा के पहले चार दिनों में नक़ल करते पकड़े जाने पर कुल 1099 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया था. साथ ही 82 अभिभावकों के ख़िलाफ़ पुलिस का कार्रवाई की थी.

चार केंद्रों पर परीक्षा रद्द कर दी गई है. बिहार में तक़रीबन 14 लाख छात्र दसवीं की बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं.

यह 'पूरी कहानी' नहीं

इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी निंदा करते हुए कहा है कि यह बिहार की ‘पूरी कहानी’ नहीं है. उन्होंने छात्रों के माता पिता को आगाह करते हुए कहा कि इस तरह वे बच्चों का नुक़सान ही कर रहे हैं.

राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा था कि एक परीक्षार्थी की मदद करने तीन-चार लोग आते हैं. इस तरह लगभग 60-70 लाख लोग नक़ल कराने में जुड़े होते हैं. इतने लोगों पर नियंत्रण रखना किसी सरकार के बूते की बात नहीं है.

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