2 साल की डॉली ने बनाया तीरंदाज़ी रिकॉर्ड!

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दो साल की एक भारतीय लड़की ने तीरंदाज़ी में नया रिकॉर्ड कायम किया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को आयोजित एक प्रतियोगिता में डॉली ने 200 से ज़्यादा प्वाइंट्स बनाए.

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के मुताबिक, तीरंदाज़ी में इतने प्वाइंट बनाने वाली वो भारत की सबसे छोटी खिलाड़ी हैं.

आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा की डॉली शिवा चेरुकुरी अगले हफ़्ते तीन साल की हो जाएंगी.

सोरोगेसी से हुआ था जन्म

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उन्होंने 5 मीटर की दूरी से अपने लक्ष्य पर 36 तीर चलाए और फिर 7 मीटर की दूरी पर भी अपने लक्ष्य को साधने में कामयाब रहीं और कुल 388 प्वाइंट हासिल किया.

इस मौके पर वरिष्ठ खेल अधिकारी और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अधिकारी भी मौजूद थे.

आर्चरी असोसिएशन ऑफ इंडिया की अधिकारी गुंजन एबरॉल ने बीबीसी को बताया, "हम सभी को डॉली पर गर्व है. और हम उनसे बहुत प्रभावित हैं.'

रिपोर्टों के मुताबिक़ 2010 में उनके भाई और अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज़ी चैम्पियन और कोच रहे चेरुकुरी लेनिन की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी. उसके बाद डॉली का जन्म सरोगेसी (किराए की कोख) के ज़रिए हुआ.

'गर्भ से ही होने लगी थी तैयारी'

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उनके पिता चेरुकुरी सत्यनारायण का कहना है कि डॉली को शुरू से तीरंदाज़ी का चैम्पियन बनने का प्रशिक्षण दिया गया था.

समाचार एजेंसी एएफ़पी से बात करते हुए डॉली के पिता सत्यनारायण ने कहा, "जैसे ही हमें पता चला कि हमें बच्चा होने वाला है, हमने फैसला कर लिया कि उसे हम तीरंदाज़ बनाएंगे. जब वह गर्भ में थी तभी हमने इसकी तैयारी शुरू कर दी थी."

सत्यनारायण विजयवाड़ा में एक आर्चरी अकादमी चलाते हैं.

उन्होंने बताया कि जब डॉली बहुत छोटी थी तो उसके लिए ख़ास कार्बन के तीर बनाए गए, ताकि वो इन हल्के तीरों को उठा सके.

हल्के तीर

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तीरंदाज़ी विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए बहुत हल्के तीरों और धनुष का इस्तेमाल किया जाता है.

गुंजन एबरॉल ने बताया कि डॉली का धनुष भी बहुत हल्का रहा होगा, "बच्चों पर बहुत दबाब नहीं डाला जा सकता. उन्हें सिर्फ दो या तीन घंटे ही सिखाया जा सकता है. लेकिन, चूंकि डॉली तीरंदाज़ों के परिवार से हैं तो उनमें काफी क्षमता है."

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इंडियन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स द्वारा जारी की गई तस्वीर में स्वर्ण पदक और सर्टिफ़िकेट के साथ डॉली तस्वीर खिंचाते दिख रही हैं.

डॉली के पिता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "मेरी बेटी ने वो कर दिखाया है जिसका हम सपना देखते थे. मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता कि मेरा परिवार कितना खुश है!"

उनका कहना था कि अब वो कोशिश करेंगे कि उनकी बेटी का नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज़ हो.

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