दीपिका के 'च्वॉयस' के बाद 'मर्दों की मर्ज़ी'

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दीपिका पादुकोण के इंटरनेट पर वायरल हुए वीडियो ‘माई च्वॉयस’ के बाद एक अन्य वीडियो ‘माई च्वॉयस-मेल वर्ज़न’ चर्चा में है. यह वीडियो फ़ैशन पत्रिका वोग द्वारा प्रोड्यूस किए गए दीपिका के वीडियो की पैरोडी है.

इसे तैयार किया है ब्रैट हाउस ने. इस वीडियो में कई पुरुष आते हैं और अपनी पसंद के मुताबिक़ फ़ैसले लेने की आज़ादी की वक़ालत करते हैं.

वे कहते हैं, “यह मेरा बदन है और इसलिए इससे जुड़े फ़ैसले भी मेरे हैं. मैं रोज़ाना जिम जाऊं या तोंद रखूं मेरी मर्ज़ी, मेरा पड़ोसी इंजीनियर है पर मैं नहीं, तो क्या हुआ? आख़िर मेरी गाड़ी कितनी बड़ी है, यही तो महत्वपूर्ण है!.”

मेरी मर्ज़ी

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इस वीडियो में कहा गया है, “मैं प्रेमिकाएं बदलता रहूं या शाश्वत प्रेम करूं, मेरी मर्ज़ी. मेरा घर, मेरी गाड़ी बदलती रहेगी, पर तुम्हारे प्रति मेरा प्रेम हमेशा रहेगा. मैं देर रात घर लौटूं या सुबह, क्या फ़र्क पड़ता है?"

वीडियो में कहा या है, "मैं किसी के साथ यौन संबंध रखूं और किसी के साथ शादी करूं या नहीं करूं, मेरी मर्ज़ी. मैं विवाह पूर्व और विवाहेतर यौन संबंध रखूं, मेरी मर्ज़ी. वीडियो में ठीक उसी समय दिखाया जाता है कि एक महिला किसी पुरुष का गिरेबान पकड़कर लड़ रही है और उस पर विश्वासघात करने का आरोप लगाती है.”

व्याभिचार का समर्थन नहीं

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वीडियो के अंत में लिखा हुआ आता है, "औरतों और मर्दों का सम्मान करें, हम विश्वासघात या व्याभिचार का समर्थन नहीं करते हैं".

ट्विटर पर लोगों ने अलग अलग ढंग से प्रतिक्रियाए जताई हैं. #MyChoice नाम से ट्विटर पर ट्रंड पर चल रहा है.

रवराज का मानना है कि यह दीपिका के वीडियो का माक़ूल जवाब है तो राज सिंह लोगों से दीपिका की फ़िल्में नहीं देखने को कहते हैं.

आदित्य कहते हैं कि वे अब कभी भी दीपिका की फ़िल्म नहीं देखेंगे, भले वह नंबर एक ही क्यों न हों.

अंकित सराफ़ कहते हैं कि वे व्याभिचार का समर्थन नहीं करते हैं. वे सवाल भी उठाते हैं कि विवाहेतर यौन संबंध ही बनाने हों तो शादी की ज़रूरत ही क्या है?

'माक़ूल जवाब'

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हेलो टीवी ने इसे दीपिका को जवाब माना है तो वजयेता कहती हैं, "इसे कहते हैं स्टेटमेंट".

गौरव प्रधान वोग इंडिया पर वेश्यावृत्ति और व्याभिचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हैं. दीपिका भारद्वाज कहती हैं कि जल्द ही पता चल जाएगा कि कितने लोग पुरुष संस्करण देखते हैं. कोलोसस कहती हैं कि पुरुष संस्करण मौलिक नहीं है, हालांकि यह अच्छा ज़रूर है.

वहीं इन तमाम प्रतिक्रियाओं के बीच दीपिका को मिल रहा समर्थन जारी है.

एक ट्विटर यूज़र एस-एम-एस का मानना है कि दीपिका के एक वीडियो पर मर्दों ने रोना-धोना शुरू कर दिया है.

दीपिका को समर्थन

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द आर्टिस्ट के मुताबिकट, पुरुष संस्करण निहायत ही जल्दबाज़ी का काम है. डेली ओ की ओर से सवाल उठाया गया है कि क्या यह उचित है?

अनिमेष जोशी 'माई च्वॉयस' पुरुष संस्करण की तुलना गोविंदा पर फ़िल्माए गए गीत 'मैं चाहे ये करूं, मैं चाहूं वो करूं, मेरी मर्ज़ी' से करते हैं.

श्वेता परांदे कहती हैं, "तो अब पुरुष कहने लगे हैं कि वे व्याभिचार का समर्थन नहीं करते!"

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