'6 से 9 दिखाएं सिर्फ़ मराठी फिल्म'

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महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सारे मल्टीप्लेक्स में प्राइम टाइम में मराठी फिल्में दिखाना अनिवार्य कर दिया है.

मंगलवार को राज्य सरकार ने मराठी फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए कई सुविधाएँ देने की घोषणा की है.

नए आदेश के अनुसार अब सारे मल्टीप्लेक्स में हर रोज शाम 6.00 से 9.00 बजे का प्राइम टाइम मराठी फिल्मों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा.

इसी के साथ हर सिनेमा हॉल में भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहब फाल्के पर एक लघु डॉक्यूमेंट्री दिखाना भी अनिवार्य होगा.

यह डॉक्यूमेंट्री किसी भी फिल्म के शुरू होने से पहले दिखाई जानी अनिवार्य होगी. इससे पहले फिल्म शुरू होने से पहले सिर्फ राष्ट्रगान दिखाना अनिवार्य होता था.

मिली जुली राय

सरकार के इस फैसले पर फिल्म जगत में मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है.

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Image caption राज्य सरकार के इस फैसले का रितेश देशमुख ने स्वागत किया है.

कांग्रेस सरकार ने साल 2010 में इस तरह के आदेश जारी किए थे लेकिन उसका वांछित परिणाम नहीं आए थे.

इस निर्णय पर फिल्म इंडस्ट्री के लोगों में मतभेद है. एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में जानी मानी अभिनेत्री दीप्ति नवल ने इस आदेश को विरोध करते हुए कहा कि इसकी वजह से एक गलत प्रथा शुरू हो जाएगी और ये फिल्म व्यवसाय के लिए हानिकारक होगा.

वहीं अभिनेता तथा निर्माता रितेश देशमुख ने इस आदेश का स्वागत किया है.

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