कश्मीर में बंद, फ़ायरिंग में एक की मौत

मसर्रत आलम इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption मसर्रत आलम 2010 में कश्मीर घाटी में सरकार विरोधी प्रदर्शन आयोजित कर सुर्खियों में आए थे.

अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की गिरफ़्तारी के बाद भारत प्रशासित कश्मीर में हो रहे प्रदर्शनों में एक युवक की मौत हो गई है.

श्रीनगर के पुलिस महानिरीक्षक एसएम जीलानी ने बीबीसी से सुहैल नाम के युवक की मौत की पुष्टि की है.

अलगाववादी संगठनों ने शनिवार को घाटी में बंद का आह्वान किया है. इसमें चरमपंथी समूह भी शामिल हैं.

शुक्रवार सुबह मसर्रत आलम की गिरफ़्तारी के बाद से ही घाटी में प्रदर्शन हो रहे हैं.

इन प्रदर्शनों की अगुवाई करने से रोकने के लिए प्रशासन ने सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक, मीरवाइज़ फ़ारुक़ और अन्य अलगाववादी नेताओं के घरों के बाहर अर्धसैनिक बल और पुलिस बल तैनात कर दिए हैं.

शुक्रवार को पुलिस ने गिलानी के त्राल मार्च को भी होने नहीं दिया था. दक्षिण कश्मीर के त्राल में एक विवादित मुठभेड़ में दो युवाओं की मौत के बाद से तनाव है.

मीडिया से भी नाराज़

इमेज कॉपीरइट Haziq Qadri

शुक्रवार रात जारी किए एक बयान में 85 वर्षीय अलगवावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने शनिवार को कश्मीर घाटी में पूर्ण बंद का आह्वान किया था.

उन्होंने कहा, "दक्षिण कश्मीर के त्राल में सेना के हाथों युवाओं की हत्या, हुर्रियत नेताओं की अनुचित और अमानवीय गिरफ़्तारी, युवाओं पर लागातार होने वाली छापेमारी और भारतीय मीडिया में कश्मीर के बारे में इकतरफ़ा और भड़काऊ रिपोर्टिंग' के ख़िलाफ बंद रखें."

कौन हैं मसर्रत आलम?

दो दिन पहले भारतीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कड़े लहजे में जम्मू-कश्मीर सरकार से मसर्रत पर कार्रवाई करने के लिए कहा था, जिसके बाद मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने जल्दबाज़ी दिखाते हुए शुक्रवार सुबह मसर्रत को गिरफ़्तार कर लिया.

इमेज कॉपीरइट Haziq Qadri
Image caption पाकिस्तानी झंडे फ़हराए जाने के बाद से ही घाटी में तनाव बढ़ गया है.

आलम को चार साल जेल में बिताने के बाद हाल ही में रिहा किया गया था. आलम की रिहाई पर पीडीपी की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के अंदर ही हंगामा हुआ था.

अलगाववादी नेता सैयद गिलानी की स्वागत रैली में पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाज़ी के बाद मसर्रत आलम को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

गिलानी लंबे समय तक दिल्ली में रहने के बाद कश्मीर घाटी लौटे हैं.

अलगाववाद बर्दाश्त नहीं

इसी बीच भारतीय जनता पार्टी, जो पहली बार जम्मू-कश्मीर सरकार में शामिल है, कटरा में दो दिनों का कार्यकर्ता सम्मेलन कर रही है.

एक बीजेपी कार्यकर्ता ने अपना नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर कहा, "नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि अलगाववादियों को कोई मौक़ा नहीं दिया जाना चाहिए और पाकिस्तान समर्थक गतिविधियों का पुरज़ोर विरोध होना चाहिए."

बीजेपी नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह का कहना है कि, "सरकार राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी."

युवा अलगाववादी

इमेज कॉपीरइट Haziq Qadri

मसर्रत आलम 2010 में घाटी में प्रदर्शन आयोजित कर सुर्खियों में आए थे. मसर्रत आलम को सैयद अली शाह गिलानी के बाद अगला अलगाववादी नेता माना जा रहा है.

2010 में ही सरकार ने मसर्रत आलम को दंगे फ़ैलाने के आरोपों में गिरफ़्तार कर लिया था. उस साल गर्मियों में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पत्थरबाज़ी करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई में सौ से ज़्यादा कश्मीरी युवा मारे गए थे.

एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि घाटी में प्रदर्शनों को रोकने के लिए संवेदनशील इलाक़ों में बड़ी तादाद में सुरक्षा बल लगाए गए हैं.

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार