कश्मीर घाटी में बंद और तनाव

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भारत प्रशासित कश्मीर में अलगाववादियों के आह्वान पर बंद के मद्देनज़र तनाव की स्थिति है.

लोग त्राल में सेना के साथ कथित मुठभेड़ में युवाओं की मौत, अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की गिरफ़्तारी और शनिवार को नारबल में पुलिस फ़ायरिंग में युवक की मौत पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

त्राल में शनिवार देर रात भी प्रदर्शन हुए थे. पुलिस के मुताबिक़ इन प्रदर्शनों में बारह लोग ज़ख़्मी हुए हैं.

इस बीच पुलिस फ़ायरिंग में छात्र की मौत के मामले में दो पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.

शुरुआती जाँच रिपोर्ट के बाद सरकार का कहना है कि पुलिस अफ़सर मंज़ूर अहमद के कहने पर पुलिसकर्मी जावेद अहमद ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई थी. गोली लगने से छात्र सुहैल सोफ़ी की मौत हो गई थी.

इस घटना के बाद से स्थानीय पुलिस थाने के एसएचओ को हटा दिया गया है.

अलगाववादी नज़रबंद

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वहीं अलगाववादी नेताओं ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है. रविवार को बडगाम में बंद है.

अलगाववादियों ने लोगों से श्रीनगर के लाल चौक पर इकट्ठा होने के लिए कहा है.

प्रदर्शनों से निपटने के लिए पुलिस ने जगह-जगह नाक़ेबंदी कर दी है.

सभी मुख्य अलगाववादी नेताओं और कार्यकर्ताओं को नज़रबंद कर दिया गया है.

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इंटरनेट प्रभावित

कश्मीर घाटी में लोग इंटरनेट सेवाओं के प्रभावित होने की भी शिकायतें कर रहे हैं.

हालांकि इंटरनेट पर रोक की अाधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. घाटी में लोगों को इंटरनेट इस्तेमाल करने में दिक़्क़तें आ रही हैं.

जम्मू-कश्मीर की गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही पीडीपी की नेता महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि पुलिस फ़ायरिंग में छात्र की मौत की पूरी जाँच होगी और न्याय होगा.

वहीं सरकार में शामिल भारतीय जनता पार्टी ने छात्र की मौत पर दुख ज़ाहिर करते हुए अलगाववादी नेताओं को इसके लिए ज़िम्मेदार बताया है. पार्टी के विधायक रविंद्र रैना ने कहा, "इस घटना के लिए अलगाववादी नेता ही ज़्यादा ज़िम्मेदार है."

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