माओवादियों ने किया मोदी के दौरे का विरोध

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छत्तीसगढ़ में माओवादियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी बस्तर दौरे का विरोध किया है.

माओवादियों ने आरोप लगाया है कि नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद देश भर में जन विरोधी और देसी-विदेशी कार्पोरेट घरानों के पक्ष में आर्थिक और औद्योगिक नीतियों का तेजी से विकास हुआ है.

वहीं राज्य की भाजपा इकाई का कहना है कि माओवादी भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में रावघाट-जगदलपुर रेललाइन और डिलमिली में अल्ट्रामेगा स्टील प्लांट लगाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे.

दोनों परियोजनाओं की लागत 24 हज़ार करोड़ रूपए है.

संसाधनों की लूट का आरोप

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दंडकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि अपने लौह अयस्क और अन्य खनिज संसाधनों की सस्ती लूट और सशस्त्र बलों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए दल्ली-रावघाट रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है.

माओवादियों ने कहा है कि जगदलपुर रेल लाइन, अल्ट्रा मेगा स्टील प्लांट की स्थापना और नया रायपुर में पुलिस मुख्यालय का उद्घाटन करने नरेंद्र मोदी का आना संयोग नहीं बल्कि सुनियोजित है.

बस्तर और राजनांदगांव के कई इलाकों में खनन का काम शुरु किया गया है. इसके अलावा अबूझमाड़ के एक चौथाई इलाके पर सैनिक प्रशिक्षण शाला के नाम पर सैनिक अड्डा बनाने पर काम चल रहा है.

माओवादियों ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपत्ति व संसाधनों खासकर जल-जंगल-जमीन व खनिज संसाधनों एवं आदिवासी अस्तित्व को बचाने के लिए आम जनता आगे आए और केंद्र व राज्य की जनविरोधी नीतियों का विरोध करे.

माओवादियों के बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रवक्ता और विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा, "नरेंद्र मोदी जी की इस यात्रा को छत्तीसगढ़ की जनता विकास से जोड़ कर देख रही है. नरेंद्र मोदी जी छत्तीसगढ़ को सौगात देने, दंतेवाड़ा के एजुकेशन हब को देखने और माओवादियों से पीड़ित लोगों से मिलने आ रहे हैं."

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