भूकंप पीड़ितों के लिए बच्चे ने गुल्लक फोड़ा

नेपाल राहत आकाश

कोलकाता के 12 साल के एक बच्चे ने नेपाल में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए अपनी गुल्लक के सारे पैसे दान कर दिए हैं.

सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले आकाश मुखर्जी दो साल से नया फुटबॉल खरीदने, दोस्तों को पार्टी देने और मम्मी पापा के लिए तोहफ़े खरीदने जैसी छोटी छोटी ख्वाहिशों के लिए पैसे जमा कर रहे थे.

लेकिन जब आकाश ने टीवी पर नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप की खबर और तस्वीरें देखीं, परेशान हाल भूखे, प्यासे और बेघर बच्चे देखे तो वो अपनी इच्छाएं भूल गए.

उन्होंने तुरंत गुल्लक के पैसे दान करने का फैसला लिया.

बेघर, भूखे बच्चे देख चौंका

आकाश ने बीबीसी को बताया, “जब मैंने टीवी पर देखा कि मेरे जैसे छोटे छोटे बच्चे भूखे हैं, और खुले में सो रहे हैं, तो मैं परेशान हो गया. मैं जानता हूं कि मैं बच्चा हूं और उनके लिए ज्यादा कुछ नहीं कर सकता. लेकिन कम से कम अपनी गुल्लक के पैसे तो उन्हें दे ही सकता हूं.”

मां मनीषा और बहुराष्ट्रीय कंपनी में मार्केटिंग एक्जेक्यूटिव पिता गोरा मुखर्जी अपने बेटे के फैसले से बेहद खुश हैं.

लेकिन उन्हें समझ में नहीं आया कि ये पैसे नेपाल कैसे भेजे जाएं.

मुखर्जी बताते हैं, “मेरे पास नेपाल के वाणिज्य दूतावास का फोन नंबर नहीं था. जब किसी तरह उनसे संपर्क हुआ तो वे मेरी बात सुनकर एकदम से चौंक गए.”

गिनने में एक घंटा लगा

अगले ही दिन आकाश और उसके माता पिता नेपाल के वाणिज्य दूतावास पहुंचे.

पिता मुखर्जी कहते हैं, “वहां वाणिज्य दूतावास के अधिकारी हमें मिलने बाहर आए और मेरे बेटे को गले लगा लिया. उन्होंने कहा कि आपका बच्चा कितने पैसों की मदद कर रहा है ये मायने नहीं रखता बल्कि इतनी छोटी सी उम्र में उसकी ये सोच मायने रखती है.”

वो अधिकारी इतने उत्साहित थे कि जब आकाश के गुल्लक को फोड़ा गया और सारे सिक्के तितर-बितर हो गए तो उन्होंने खुद सारे पैसे एकत्र किए और गिने.

पैसे गिनने में एक घंटे लगा. वे करीब 3,500 रुपए से थोड़े अधिक थे.

मदर टेरेसा का अनाथालय

ये पहला मौका नहीं है जब आकाश ने अपने गुल्लक के पैसे दान किए हों. इसके पहले भी उन्होंने अपने जमा किए पैसे दान किए हैं.

मां मनीषा बताती हैं, “आकाश के जन्मदिन पर हम उसे निर्मल ह्रदय, मदर टेरेसा की मिशनरी द्वारा चलाया जाने वाला अनाथालय, ले जाते हैं. वहां वो अपनी किताबें, गेम, कपड़े और खाने के पैकेट दान करता है. ऐसा हम उसके पांचवें जन्मदिन से ही कर रहे हैं.”

अब वो अपने लिए फुटबॉल या मम्मी-पापा के लिए गिफ्ट और दोस्तों को पार्टी कैसे देंगे?

इस सवाल पर आकाश कहते हैं, “ये सारे काम तो बाद में भी हो सकते हैं.”

नेपाल भूकंप पीड़ितों को अपने गुल्लक के सारे पैसे दान दिए जाने के बाद किसी ने आकाश को एक और नया गुल्लक गिफ्ट किया है.

आकाश ने नए गुल्लक में भी पैसे जमा करने शुरू कर दिए हैं.

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