मोगा कांड: बस मालिकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग

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पंजाब में 13 साल की लड़की के साथ चलती बस में कथित छेड़छाड़ और फिर उसकी मौत के मुद्दे पर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में हंगामा सरकार को घेरा.

कांग्रेस ने जहाँ एक ओर बस के मालिकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की बात की है, वहीं कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह ने पंजाब की बादल सरकार को बर्ख़ास्त किए जाने की मांग की है.

पिछले हफ़्ते मोगा में हुई घटना में बस ऑर्बिट कंपनी की थी जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के परिवार की हिस्सेदारी है.

कांग्रेस की नारेबाज़ी और इस मुद्दे पर बहस की मांग को लेकर हुए हंगामें के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही थोड़ी देर के लिए स्थगित करना पड़ा.

बहस की मांग

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने राज्यसभा में कहा, ''इस पर बहस होनी इसलिए ज़रूरी है क्योंकि बस चलाने वाली कंपनी बादल परिवार की है जिनकी राज्य में सरकार है. अगर उनकी कंपनी की बस में इस तरह का अपराध होता है तो साधारण आदमी क्या करेगा.''

पंजाब सरकार का बचाव करते हुए केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक्वी ने कहा, ''राज्य सरकार ने दोषियों के ख़िलाफ कार्रवाई की है. ये मुद्दा यहां क्यों उठाया जा रहा है. राज्य सरकारें को लेकर यहां हर दिन चर्चा करने की बात आएगी तो उचित नहीं है. विभिन्न राज्यों में जो घटनाएं हो रही हैं उस पर चर्चा करनी है तो नोटिस दीजिए.''

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उधर लोकसभा में स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस की स्थगन प्रस्ताव की मांग को ठुकराते हुए इस मुद्दे को शून्य काल में उठाने की बात कही.

लेकिन विपक्षी अपनी मांग पर कायम रहा. लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह को निशाना बनाते हुए कहा कि नियम है कि एक सेशन में एक मुद्दे पर एक बार ही बहस हो सकती है और जब ये मुद्दा पहले उठा था तो अमरिंदर सिंह सदने थे ही नहीं, जबकि अब वे ये मुद्दा उठा रहे हैं.

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