बांग्लादेश समझौता: मोदी ने कहा शुक्रिया

भारत बांगलादेश सीमा
Image caption भारत बांगलादेश सीमा

भारतीय संसद ने बांग्लादेश के साथ उस समझौते को मंज़ूरी दे दी है जिसके तहत दोनों मुल्कों के बीच भूमि के टुकड़ों का लेन देन हो सकेगा.

दोनों मुल्कों की सीमा में ऐसे क्षेत्र मौजूद हैं जो दरअसल दूसरे के हिस्से में आते हैं. यानी भारत के कुछ इन्कलेव बांग्लादेश में हैं इसी तरह दूसरे मुल्क के क्षेत्र भारत की तरफ़ हैं.

समझौते के भीतर इन इलाक़ों में बसे लगभग बचास हज़ार लोगों को इस बात का हक़ होगा कि वो दोनों में से किसी एक मुल्क के साथ रह सकते हैं.

इस समझौते पर साल 2011 में हस्ताक्षर हुए थे लेकिन तब क्षेत्रीय दल जैसे त्रिनमूल कांग्रेस और फिलहाल केंद्र में सरकार में मौजूद भारतीय जनता पार्टी ने इसका कड़ा विरोध किया था.

दशकों पुराना विवाद

दोनों देशों में मौजूद ये इन्कलेव साल 1947 के पहले के मामले हैं.

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Image caption बीजेपी पहले समझौते के विरोध में थी.

गुरुवार को समझौते के संसद में पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर विपक्षी दल कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को धन्यवाद दिया.

एक ट्वीट संदेश में मोदी ने कहा कि ये समझौता सभी के सहयोग से मुमकिन हो सका है.

उन्होंने बांगलादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना को भी फोन किया और बांगलादेश के लोगों को इस मौक़े पर शुभकामनाएं दीं.

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