सीबीआई के पूर्व निदेशक के मुलाक़ातों की जांच

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा और 2जी घोटाले के कुछ अभियुक्तों के बीच हुई कथित मुलाक़ातें पद का दुरूपयोग थीं और उन मुलाक़ातों की जांच होनी चाहिए.

अदालत ने सिन्हा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर 'झूठी ग़वाही' का मामला चलाने के लिए दायर की गई याचिका ख़ारिज कर दी है.

2जी के अभियुक्तों से मुलाक़ात

अदालत ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त से सिन्हा की कथित मुलाकातों की जाँच के लिए कहा है.

पिछले साल दिसंबर में रिटायर हुए रंजीत सिन्हा पर अपने कार्यकाल के अंतिम हफ़्तों में अभियुक्तों से मुलाकात करने के गंभीर आरोप लगे थे.

प्रशांत भूषण और कॉमन कॉज़ नाम के एक ग़ैर सरकारी संगठन ने रंजीत सिन्हा के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

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रंजीत सिन्हा ख़ुद पर लगे आरोपों को नकारते रहे थे. रंजीत सिन्हा से उनके घर पर मिलने वालों में रिलायंस टेलीकॉम के अधिकारी भी शामिल थे. इस कंपनी का नाम भी 2जी घोटाले में शामिल है.

मीडिया पर था सर्कुलर

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सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार के उस सर्कुलर पर भी रोक लगा दी है जिसमें नकारात्मक रिपोर्टिंग पर मीडिया के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला दर्ज करने के लिए कहा गया था.

समचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने छह मई को जारी दिल्ली सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है.

दिल्ली सरकार ने अपने अधिकारियों से कहा था कि अगर किसी रिपोर्ट से लगे कि उन्हें या सरकार को जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है तो मामले की सूचना दें.

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