'मैंने बस में आग लगा दी है पुलिस बुलाओ'

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महाराष्ट्र के लातूर में कथित बलात्कार के एक मामले में पुलिस ढिलाई पर 29 साल की एक महिला ने सरकारी बस में आग लगा कर आत्मसमर्पण कर दिया.

आग पर काबू पा लिया गया और पुलिस ने उसे गिरफ़्तार भी किया. गुरुवार को एक स्थानीय न्यायालय ने उसे ज़मानत पर छोड़ दिया.

महाराष्ट्र पुलिस ने महिला की पहचान सार्वजनिक नहीं की है.

महिला की शिकायत

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इस महिला ने घटनास्थल पर पहुंचे पत्रकारों को बताया कि लातूर ज़िले के बेलकुंड गांव में उसकी नाबालिग बहन से डेढ़ साल पहले एक युवक ने बलात्कार किया था.

यह मामला भादा गांव के पुलिस में दर्ज हुआ था. इस महिला का दावा है कि अब यह युवक मुंबई में पुलिस कांस्टेबल है.

महिला ने कहा कि आपराधिक मामले के कारण उस आदमी को नौकरी नहीं मिल रही थी. इसलिए मामला वापस लेने की शर्त पर उसने लड़की से विवाह किया था.

लड़की ने शिकायत वापस ले ली पर कांस्टेबल बनने के बाद युवक ने उसकी बहन को छोड़ दिया.

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इस पर लड़की ने युवक के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

इस महिला का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

युवती ने बुधवार को लातूर में आए पुलिस आईजी और एसपी से मिलने की कोशिश की.

लेकिन महिला के अनुसार पुलिस ने उसे उनसे मिलने नहीं दिया.

घटना

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पुलिस के अनुसार, बुधवार की रात ये युवती अपने गांव की ओर जानेवाली एक खाली बस में चढ़ी. उसने बस में आग लगा कर स्टैंड पर मौजूद अधिकारियों से कहा, ''मैंने बस में लगा दी है पुलिस को बुलाओ.''

युवती को गुरुवार को स्थानीय न्यायालय ने ज़मानत दे दी.

पुलिस का बयान

आग वाली घटना पर जांच अधिकारी उप निरीक्षक माधुरी मुंडे ने बीबीसी को बताया कि जब महिला अधिकारियों से मिलने आई तब लंच टाइम चल रहा था. इसलिए वह उनसे मिल नहीं पाई.

साथ ही मुंडे ने कहा कि महिला की बहन के साथ बलात्कार नहीं हुआ था बल्कि उस कांस्टेबल ने शादी की थी. "महिला समझ ही नहीं पा रही हैं, कि जो मामला कांस्टेबल के ख़िलाफ़ दर्ज था वह बनता ही नहीं था.''

लातूर पुलिस ने महिला पर केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान करने का मामला दर्ज किया है.

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